
चेन्नई, 4 नवंबर . India मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने Wednesday को तमिलनाडु के थेनी और कोयंबटूर जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. यह पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है, जब भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ओंगोल के पास दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद कमजोर पड़ गया है.
मौसम विभाग के अनुसार, 2 नवंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद एक भीषण चक्रवाती तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा. इसके बाद 3 नवंबर को तड़के 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराया.
तट से टकराने के बाद तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता रहा और धीरे-धीरे इसकी तीव्रता कम होती गई. जैसे-जैसे यह जमीन की ओर बढ़ा, यह पहले एक चक्रवाती तूफान में और फिर एक ‘डीप डिप्रेशन’ (गहरे दबाव के क्षेत्र) में कमजोर हो गया.
चक्रवात काफी कमजोर हो गया है, लेकिन इससे जुड़ी मौसमी स्थितियों के कारण अगले दो दिनों तक तमिलनाडु के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है.
आईएमडी ने Wednesday को थेनी और कोयंबटूर जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. चेन्नई में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है और शहर के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने बताया है कि अलग-अलग इलाकों में मौसमी स्थितियों के आधार पर बारिश की मात्रा कम या अधिक हो सकती है.
आईएमडी ने Thursday के लिए मदुरै, थेनी और डिंडीगुल जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है. तमिलनाडु के बाकी हिस्सों में मध्यम बारिश होने की संभावना है.
ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश मुख्य रूप से पश्चिमी और दक्षिणी तमिलनाडु के हिस्सों में केंद्रित रहेगी, खासकर पश्चिमी घाट से सटे जिलों में, जहां स्थानीय मौसमी स्थितियों के कारण और भी तेज बारिश हो सकती है.
‘मुरासु’ का कमजोर पड़ना उस मौसम प्रणाली में एक बड़ा बदलाव है, जिससे पहले आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए खतरा पैदा हो गया था. मौसम विभाग के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चक्रवाती तूफान के कमजोर पड़ने या खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि उससे जुड़ी बारिश भी तुरंत बंद हो जाएगी.
जिन इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है, वहां के लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखें, खासकर वे लोग जो निचले और संवेदनशील इलाकों में रहते हैं.
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) वायुमंडलीय स्थितियों पर नजर रखना जारी रखेगा और जिलों के हिसाब से बारिश का पूर्वानुमान जारी करता रहेगा.
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ओपी/एबीएम
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