
New Delhi, 11 सितंबर . आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का प्रेशर और घंटों मोबाइल-लैपटॉप में व्यस्त रहने से शरीर और मन दोनों ही थक जाता है. ऐसे में योग एक अद्भुत और असरदार आसन है ‘शवासन’. यह सिर्फ शरीर की सारी थकान को दूर कर, नई ऊर्जा भरने का सबसे अच्छा साधन है.
यह एक विश्राम की मुद्रा है, जिसमें शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दिया जाता है. ‘शव’ यानी मृत शरीर के समान लेटना.
देखने में यह सबसे आसान मुद्रा लगती है, लेकिन असल में यह सबसे कठिन आसनों में से एक माना जाता है क्योंकि इस आसन को करने के दौरान शरीर को पूरी तरह ढ़ीला छोड़कर मन को शांत करना आसान नहीं है. शवासन सिर्फ आराम करने का तरीका नहीं है बल्कि यह शरीर की सारी थकान को दूर कर, नई ऊर्जा भरने का सबसे अच्छा साधन है.
India Government के आयुष मंत्रालय ने शवासन के लाभ के बारे में बताया है. उनके अनुसार, यह आसन तनाव और चिंता को करने में मदद करता है. नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है और अनिद्रा की समस्या को दूर करता है. साथ ही, यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है. शवासन मस्तिष्क को शांत कर एकाग्रता बढ़ाता है. इसके नियमित अभ्यास से मांसपेशियों में तनाव कम होता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है.
यह योग का सबसे सरल लेकिन प्रभावी आसन माना जाता है, जो तनाव, चिंता और थकान को कम करता है. यह शरीर की कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र को गहरी विश्रांति देकर नई ऊर्जा प्रदान करता है.
शवासन का नियमित अभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी प्रदान करता है. शवासन भले ही सरल आसन है लेकिन, एक्सपर्ट इसके अभ्यास में भी सावधानियां बरतने की भी सलाह देते हैं. शवासन के दौरान नींद में न जाएं, क्योंकि इसका उद्देश्य सचेतन विश्राम है. गर्भवती महिलाएं या कमर दर्द से पीड़ित लोग इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें.
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एनएस/पीएम
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