तकनीक, पारदर्शिता और समावेशन से भारत का चुनावी लोकतंत्र लगातार मजबूत हुआ: रिपोर्ट

कोलंबो, 2 सितंबर . India की लोकतांत्रिक उपलब्धि केवल दुनिया के सबसे बड़े चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और सहभागी बनाने के निरंतर प्रयास में भी निहित है. श्रीलंका स्थित एशियन न्यूज पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि India के चुनावी लोकतंत्र का विकास विशाल पैमाने के साथ संस्थागत नवाचार और अनुकूलन की कहानी है.

रिपोर्ट के अनुसार, आजादी के समय लागू किए गए सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से लेकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट), डिजिटल मतदाता सेवाओं, वेबकास्टिंग, मतदाता जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय चुनावी सहयोग तक India की चुनावी व्यवस्था लगातार विकसित हुई है. इस पूरी प्रक्रिया का मूल सिद्धांत यही रहा है कि Political शक्ति नागरिकों के मत से प्राप्त होती है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जब लगभग एक अरब नागरिक मतदान के पात्र हों, तब लोकतंत्र केवल संवैधानिक सिद्धांत नहीं रह जाता, बल्कि संगठन, जनभागीदारी और सार्वजनिक विश्वास का विशाल अभ्यास बन जाता है. India में इस चुनौती का सामना एक संवैधानिक चुनाव आयोग और तेजी से तकनीक-सक्षम चुनावी प्रणाली के जरिए किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के Lok Sabha चुनाव ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास का उदाहरण पेश किया. वहीं 2025 और 2026 के दौरान किए गए सुधारों ने चुनाव प्रबंधन में पारदर्शिता, पहुंच और तकनीक के इस्तेमाल को और मजबूत किया है.

एशियन न्यूज पोस्ट ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना और चुनाव के बाद की प्रक्रियाओं तक व्यापक पारदर्शिता ढांचा अपनाता है. Political दलों और उम्मीदवारों को मतदाता सूची के सत्यापन, ईवीएम और वीवीपैट की जांच, मशीनों के रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, परिवहन, सुरक्षित भंडारण और मतगणना जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं में शामिल किया जाता है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि ईवीएम के साथ वीवीपैट तकनीक मतदाता को उसके चुने गए उम्मीदवार की पर्ची लगभग सात सेकंड तक दिखाती है, जिसके बाद वह स्वतः सीलबंद बॉक्स में गिर जाती है. इससे इलेक्ट्रॉनिक मतदान के साथ एक भौतिक ऑडिट ट्रेल भी उपलब्ध होता है.

रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने डिजिटल निगरानी व्यवस्था का भी विस्तार किया है. Government के राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा गया है कि मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग से मतदान दिवस की गतिविधियों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है.

इसके अलावा, मतदाता सेवाओं, मतदान प्रतिशत की रिपोर्टिंग और चुनाव प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रणालियां विकसित की गई हैं. वहीं सी-विजिल ऐप के जरिए नागरिक चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत सीधे दर्ज करा सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे पारदर्शिता अब केवल चुनाव के बाद की प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनावी व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनती जा रही है.

रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि मजबूत लोकतंत्र का आकलन केवल मतदाताओं की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से होता है कि समाज का हर वर्ग चुनावी प्रक्रिया में कितनी आसानी से भाग ले सकता है. इसी उद्देश्य से India की चुनावी व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है.

डीएससी