ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गौरव डावर गिरफ्तार, ईडी को मिली पांच दिन की कस्टडी

नई दिल्‍ली, 22 सितंबर . Enforcement Directorate (ईडी) के हेडक्वार्टर कार्यालय ने ड्रग तस्करी, हवाला लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में गौरव डावर को 17 सितंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया. ईडी के मुताबिक, यह मामला बड़े पैमाने पर हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़ा है.

यह गिरफ्तारी ड्रग्स के बड़े पैमाने पर इंपोर्ट से जुड़े एक मामले में की गई है, जिसमें ड्रग्स को सेमी-प्रोसेस्ड टैल्क (पाउडर) में छिपाकर लाया गया था और दिल्ली, पंजाब व Haryana में नारकोटिक्स की बरामदगी भी हुई थी.

आरोपी गौरव डावर को 18 सितंबर को तीस हजारी कोर्ट (वेस्ट डिस्ट्रिक्ट), New Delhi में स्पेशल जज (पीएमएलए) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को पांच दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया.

ईडी ने यह जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू की थी. यह First Information Report हरप्रीत सिंह तलवार और अन्य लोगों के खिलाफ ड्रग तस्करी की गतिविधियों के लिए यूएपीए, 1967, एनडीपीएस एक्ट, 1985 और आईपीसी, 1860 के तहत दर्ज की गई थी.

इससे पहले एनआईए ने इस मामले में छह चार्जशीट दाखिल की थीं, जिनमें कई आरोपियों पर अफगानिस्तान, Pakistan और Dubai से चलने वाले इंटरनेशनल ड्रग तस्करी सिंडिकेट के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. यह सिंडिकेट मास्टरमाइंड वितायश कोसर उर्फ ​​राजू Dubai (एक वांटेड आरोपी) के साथ-साथ Pakistanी आईएसआई एजेंटों और अफगान नागरिकों के साथ मिलकर काम कर रहा था.

जांच में यह भी पता चला है कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से हुई 74 करोड़ रुपए की कमाई को हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजा गया और आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया गया.

ईडी की जांच में कुल 89 करोड़ रुपए की ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (पीओसी) यानी अपराध से हुई कमाई का पता चला है. यह कमाई प्रतिबंधित सामान की तस्करी, ड्रग्स से हुई कमाई के बंटवारे और हवाला ऑपरेशन (जिसमें एनआईए द्वारा शुरू में पहचाना गया 74 करोड़ रुपए का हवाला भी शामिल है) के जरिए हुई थी. इस प्रक्रिया में अपराध से हुई और कमाई का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है.

इस मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत कई बार तलाशी अभियान चलाए गए हैं, जिसमें सबसे हालिया तलाशी 15 जुलाई से 17 सितंबर के बीच की गई थी. जांच में यह भी पता चला कि गौरव डावर ने अपने साथी आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार के साथ मिलकर, इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट द्वारा भेजे गए नशीले पदार्थों की खेप की तस्करी में मदद करने के बदले सामान और हवाला के जरिए पेमेंट लिया.

गौरव डावर ने अपने साथी आरोपी के साथ मिलकर न्यूएरा फीस्ट एंड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (एनएफएचपीएल) के जरिए चलाए जा रहे दिल्ली के नाइट क्लबों ‘प्लेबॉय क्लब’ और ‘व्हाइट क्लब’ में कैश निवेश किया. ईडी की यह गिरफ्तारी ड्रग तस्करी के रैकेट और ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला ट्रांजेक्शन में शामिल नेक्सस को तोड़ने के लिए ‘होल ऑफ द गवर्नमेंट’ अप्रोच का हिस्सा है.

एएसएच/एबीएम