‘डेमोक्रेसी मार्च’ लोकतंत्र और वोट के अधिकार की रक्षा का संकल्प है: आराधना मिश्रा मोना

Lucknow, 2 अक्टूबर . कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने पार्टी के ‘डेमोक्रेसी मार्च’ को लेकर कहा कि यह मार्च देश के लोकतंत्र और नागरिकों के वोट के अधिकार की रक्षा के संकल्प के तहत निकाला जा रहा है. उन्होंने एसआईआर को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. इसके साथ ही, उन्होंने Union Minister शिवराज सिंह चौहान की महात्मा गांधी और कांग्रेस को लेकर की गई टिप्पणी पर जवाब दिया और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा.

आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि 1947 में देश की आजादी के बाद 1951 में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित हुई और लोकतंत्र की बुनियाद प्रत्येक नागरिक को सम्मान और मतदान का अधिकार देना था. संविधान निर्माण के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी इसी भावना के अनुरूप लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव रखी.

कांग्रेस विधायक ने कहा कि राहुल गांधी एसआईआर के जरिए बड़े पैमाने पर वोट चोरी का आरोप लगाते रहे हैं. अब इस मुद्दे को लेकर देश में व्यापक चर्चा हो रही है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच मतभेद सामने आने के बाद इस संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा बढ़ी है. कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष से जुड़ा रहा है. जिस तरह स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश की आजादी के लिए संघर्ष किया गया था, उसी तरह अब लोकतंत्र की रक्षा के लिए मार्च निकाला जा रहा है. कांग्रेस का संकल्प प्रत्येक नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा करना है.

Union Minister शिवराज सिंह चौहान की महात्मा गांधी और कांग्रेस को लेकर की गई टिप्पणी पर आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि Union Minister ने यह बात किस किताब में पढ़ी है. लेकिन, मैं एक बात जानती हूं. मैंने और इस देश के ज्यादातर लोगों ने पढ़ा होगा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि आरएसएस जैसे संगठन को जो देश के लिए खतरा है, उनको भंग कर देना चाहिए, उनको समाप्त कर देना चाहिए.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और Samajwadi Party के बीच संभावित सीट-शेयरिंग को लेकर भाजपा की आलोचना पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस और सपा की तैयारियों की चिंता करने के बजाय पहले अपनी पार्टी के अंदर चल रही कथित अंतरकलह को देखना चाहिए. भाजपा के कई सांसद और विधायक अपनी ही पार्टी के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं. भाजपा को पहले इन मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए.

वहीं, कांग्रेस की तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र, हर जिले और हर Lok Sabha क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने पर काम कर रही है. कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनावी तैयारी कर रही है और इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी.

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