डूसू चुनाव में निर्दलीय जीत हासिल करने वाले दीपांशु शौकीन बोले- सत्य निकेतन हादसे के पीड़ितों को दिलाऊंगा इंसाफ

New Delhi, 19 सितंबर . दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष के पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की. जीत हासिल करने के बाद दीपांशु ने समाचार एजेंसी के साथ खास बातचीत के दौरान अपने समर्थकों का आभार जताया और सत्य निकेतन हादसे में मारे गए छात्रों के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने की बात कही.

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में जीत हासिल करने वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुझपर भरोसा जताया और उन भरोसे पर मैं खरा उतरूंगा. उनकी हकों की लड़ाई लड़ूंगा. सत्य निकेतन हादसे में जिन छात्रों की जान गई है, उनके लिए इंसाफ की मांग रखूंगा. दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए हॉस्टल की मांग रखूंगा और जो भ्रष्टाचार यहां डीयू के सिस्टम में हो रहा है, उसे ठीक करने की कोशिश करूंगा. ये लड़ाई और संघर्ष जो मैंने किया वो इन छात्रों के लिए किया था.”

डूसू चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 60,854 वोट पड़े. इनमें दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले. इशू मौर्या को 16,910, वीर चतरथ को 4,313 और अरण्य सिंह राठौड़ को 2,274 मत मिले.

वहीं, डूसू के तीन अन्य प्रमुख पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उम्मीदवार विजयी रहे. अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह ने जीत दर्ज की.

अध्यक्ष पद के लिए कुल 60,845 वोट पड़े. एबीवीपी के यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले. अनन्या रतूड़ी को 5,377 वोट मिले. इस पद 4,310 छात्रों ने नोटा को वोट दिया.

संयुक्त सचिव पद के लिए कुल 60,825 वोट पड़े. एबीवीपी के लक्ष्यराज सिंह को 16,615 वोट मिले और उन्होंने यह सीट जीती. विशेष यादव को 15,778, एनएसयूआई के गोपाल चौधरी को 15,206 और नोटा को 7,389 वोट मिले.

सचिव पद के लिए कुल 60,776 वोट पड़े. एबीवीपी की रिया छाबड़ी को 21,650 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले. पंकज कुमार को 7,639 और नोटा को 7,884 वोट मिले.

डीकेपी