
New Delhi, 21 सितंबर . दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव नतीजों, एनएसयूआई में टिकट बंटवारे की प्रक्रिया और कन्हैया कुमार को लेकर निर्दलीय उम्मीदवार समर्थ बेनीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है.
से बातचीत करते हुए एनएसयूआई के खराब प्रदर्शन पर समर्थ बेनीवाल ने कहा, “जैसे कि एनएसयूआई ने कहा है, कई वजहें थीं जिन पर हम चर्चा करेंगे, सोच-विचार करेंगे और समाधान खोजने के लिए उनका विश्लेषण करेंगे. हमारा पूरा ध्यान इस बात पर होगा कि भविष्य में ऐसी कमियां दोबारा न हों. चुनाव में हार-जीत तो होती रहती है लेकिन एनएसयूआई यह पक्का करेगा कि आगे बढ़ते हुए हर कमजोरी और कमी को दूर किया जाए.”
समर्थ बेनीवाल ने मद्दों पर बातचीत करते हुए कहा, “सबसे पहले तो जवाबदेही की बात है. चाहे सत्य निकेतन हो या कोई और जगह, हमने हर जगह दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाबदेही की मांग की. हालांकि, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और न ही कोई जवाबदेही दिखाई. इसके अलावा, हॉस्टल की उपलब्धता और छात्रों के लिए साफ पीने के पानी की कमी भी बड़े मुद्दे रहे. ये वे मुख्य मुद्दे थे जिन्हें हम सीधे छात्रों के पास ले गए.”
एनएसयूआई की हार पर उन्होंने कहा, “हम लोगों ने पूरी कोशिश की और लड़ना सबसे जरूरी है. एनएसयूआई विद्यार्थियों के लिए पहले भी लड़ रही थी, अब भी लड़ रही है और आगे भी लड़ती रहेगी. छात्र हितों के लिए लड़ना सबसे जरूरी चीज है. हम लोगों ने चुनाव भी बड़े जोर-शोर से लड़ा और एनएसयूआई ने यह एक उदाहरण सेट किया कि पहली बार डूसू में अध्यक्ष पद के लिए एक आदिवासी समाज के लड़के को टिकट दिया गया. चुनाव परिणाम कुछ भी रहा हो, लेकिन एनएसयूआई की विचारधारा दिन ब दिन मजबूत हो रही है.
कन्हैया कुमार पर एनएसयूआई को ‘चौपट’ करने वाले आरोप पर समर्थ बेनीवाल ने कहा, “अगर किसी भी आरोप से सबूत नहीं हैं तो वे झूठे आरोप हैं. हमको हवा में बातें नहीं करनी चाहिए कि उनकी वजह से ऐसा हुआ है.
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कहा, “इस कार्यक्रम का जमीन पर असर दिख रहा है. इसको लेकर किसी को कोई बयान देने की जरूरत नहीं है. इसको लेकर भाजपा और उनके संगठन भी चुप हो चुके हैं. ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोगों का सैलाब उमड़ा है. राहुल गांधी सुनने लायक मुद्दा उठा रहे हैं.
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एसडी/पीएम
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