
ग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर . उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल शहरों की सफाई से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध पर्यावरण, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से है.
वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से कचरे का प्रबंधन कर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ ही कचरे को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर में बदला जा सकता है.
मंत्री एके शर्मा ने यह बात ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान नगर विकास विभाग की ओर से आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषयक सेमिनार में कही. उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में निकलने वाले ठोस कचरे के वैज्ञानिक, व्यवस्थित और प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया.
शर्मा ने कहा कि शहरों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है. यदि इसका सही तरीके से संग्रह, पृथक्करण, प्रोसेसिंग और निस्तारण किया जाए तो यही कचरा बड़ी आर्थिक संभावनाओं में बदल सकता है. उन्होंने कहा कि आज वेस्ट मैनेजमेंट एक बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी के रूप में भी विकसित हो सकता है.
उन्होंने कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी), वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल, रिसाइक्लिंग और री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख किया. उनके मुताबिक इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से कचरे का बेहतर उपयोग होने के साथ नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
मंत्री ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में स्वच्छ India अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है. अब आवश्यकता है कि इस अभियान को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन व्यवस्था और जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक वैज्ञानिक एवं स्थायी बनाया जाए.
उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट का प्रभावी प्रबंधन शहरों की क्वालिटी ऑफ लाइफ सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कचरे का उचित निस्तारण और प्रोसेसिंग होने से खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों में कमी लाई जा सकती है, जिससे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी.
एके शर्मा ने Lucknow के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल की सफलता का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास यह दिखाते हैं कि यदि नगरीय कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाए तो उसका उपयोग ऊर्जा और अन्य उपयोगी उत्पादों के निर्माण में किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश Government स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहरों की दिशा में लगातार काम कर रही है. नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना Government की प्राथमिकताओं में शामिल है.
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता के बीच संबंध पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है. उन्होंने इसे Prime Minister Narendra Modi, Union Minister मनोहर लाल खट्टर और Chief Minister योगी आदित्यनाथ के प्रेरणा एवं मार्गदर्शन के साथ अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाई मित्रों के प्रयासों का परिणाम बताया.
कार्यक्रम के प्रारंभ में नगर विकास विभाग के सचिव/निदेशक अनुज कुमार झा ने मंत्री एके शर्मा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे आयोजनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रणालियों से जोड़ने का अवसर मिल रहा है. इससे नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
सेमिनार में नगर विकास विभाग के सचिव/निदेशक अनुज कुमार झा, विशेष अतिथि वी.के. चौरसिया, देश-विदेश से आए प्रतिनिधि, अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र के विशेषज्ञ और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.
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पीकेटी/डीकेपी
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