टोक्यो में आईएनएस सह्याद्रि पर विशेष समारोह, जापान-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर जश्न

टोक्यो, 6 नवंबर . India की जापान में राजदूत नगमा मलिक और भारतीय नौसेना के उप-नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद ने Friday को युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि पर एक विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया. यह कार्यक्रम India और जापान के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया.

जापान स्थित भारतीय दूतावास ने social media मंच ‘एक्स’ पर बताया कि राजदूत नगमा मलिक और वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद ने आईएनएस सह्याद्रि पर आयोजित इस कार्यक्रम की मेजबानी की.

भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े का यह युद्धपोत (फ्रिगेट) Wednesday को योकोसुका पहुंचा था, जहां जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीएफ) ने उसका औपचारिक स्वागत किया.

दूतावास के अनुसार, आईएनएस सह्याद्रि जापान की यात्रा पर ‘मलाबार 2026’ बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास और जैमेक्स-2026 द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास में भाग लेने के लिए पहुंचा है.

जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीफ) के अनुसार, मलाबार 2026 अभ्यास 5 से 12 नवंबर तक जापान के मुख्य द्वीप होंशू के कांटो क्षेत्र के दक्षिणी समुद्री इलाके में आयोजित किया जा रहा है.

इस अभ्यास के लिए जापान ने हेलीकॉप्टर डिस्ट्रॉयर जेएस आईएसई (डीडीएच-182), फ्रिगेट जेएस मोगामी (एफएफएम-1), एक पनडुब्बी और पी-1 समुद्री गश्ती विमान तैनात किए हैं.

वहीं, भारतीय नौसेना ने ‘आईएनएस सह्याद्रि’ (एफ49) को भेजा है. ऑस्ट्रेलिया की ओर से ‘एचएमएएस स्टुअर्ट’ (एफएफएच153) फ्रिगेट और रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स का पी-8ए पोसीडॉन समुद्री गश्ती विमान इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं.

India के रक्षा मंत्रालय ने Thursday को जारी बयान में कहा था कि मलाबार 2026 भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं को एक साथ लाता है. इससे सभी भागीदार नौसैनिक बलों को आपसी तालमेल बढ़ाने, मिलकर काम करने की क्षमता मजबूत करने और पेशेवर अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है.

बयान के अनुसार, अभ्यास के पहले चरण में बंदरगाह पर पेशेवर बैठकों और संयुक्त योजना पर काम किया जाएगा. इसके बाद समुद्र में होने वाले चरण में आईएनएस सह्याद्रि के साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की नौसैनिक इकाइयां भी हिस्सा लेंगी.

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन गतिविधियों से चारों देशों के बीच आपसी भरोसा और सहयोग और मजबूत होगा तथा एक सुरक्षित और स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

आईएनएस सह्याद्रि जापान पहुंचने से पहले दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित भारत-दक्षिण कोरिया नौसेना द्विपक्षीय अभ्यास में हिस्सा लेकर लौट रहा था. इस यात्रा और संयुक्त अभ्यासों को India और जापान के बढ़ते रक्षा सहयोग तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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एवाई/डीकेपी