टीएमसी ने सीईओ की घोषणा पर उठाए सवाल, कहा- चुनाव से पहले कहां थी सक्रियता?

कोलकाता, 13 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गुट ने Tuesday को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय की उस घोषणा पर सवाल उठाए, जिसमें मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं और नए या पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए अभियान शुरू करने की जानकारी दी गई थी.

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट ने Tuesday दोपहर social media पर जारी एक पोस्ट में आरोप लगाया कि सीईओ कार्यालय की Monday की घोषणा इस बात की अप्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति है कि पूरा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान भारतीय जनता पार्टी को ऐसी सीटें जिताने में मदद करने के लिए किया गया था, जिनके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं था.

social media पोस्ट में टीएमसी गुट ने कहा, “चुनाव से पहले पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के बाद चुनाव आयोग अब अचानक यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय अभियान शुरू करना चाहता है कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए. चुनाव से पहले यह सक्रियता कहां थी? बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया इतनी जल्दबाजी और बिना योजना के क्यों कराई गई?”

इसके साथ ही यह भी कहा कि इस अभियान को शुरू करने की घोषणा का समय पूरी प्रक्रिया की ईमानदारी, निष्पक्षता और तटस्थता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

social media बयान में कहा गया, “ईसीआई को इन विसंगतियों की व्याख्या करनी चाहिए और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए, न कि नागरिकों से बिना सवाल किए इस प्रक्रिया को स्वीकार करने की उम्मीद करनी चाहिए.”

बयान में आगे कहा गया, “तार्किक विसंगतियों और खराब तरीके से किए गए एसआईआर के नाम पर ईसीआई ने लोगों का मतदान का अधिकार छीन लिया, ताकि एक अवैध Government को सत्ता में लाया जा सके. कोई भी Government उस चुनावी प्रक्रिया में जनता के भरोसे के बिना वैधता का दावा नहीं कर सकती, जिसने उसे सत्ता तक पहुंचाया हो. कोई भी अवैध चीज हमेशा नहीं टिकती. बंगाल में भाजपा की Government भी नहीं टिकेगी.”

Monday को सीईओ कार्यालय ने दावा किया था कि सभी 24 जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं तथा नए या पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए सक्रिय अभियान शुरू कर चुके हैं.

सीईओ ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाए. इसके लिए पूरे राज्य में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं.

सीईओ कार्यालय ने यह भी सलाह दी कि यदि किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है, तो वह बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या संबंधित डीईओ-सह-डीएम से संपर्क कर सकता है.

–

एएमटी/