टाटा मोटर्स का बड़ा एलान, 1 अक्टूबर से कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की करेगी बढ़ोतरी

New Delhi, 17 सितंबर . टाटा मोटर्स ने Thursday को कहा कि वह 1 अक्टूबर 2026 से अपने पूरे कमर्शियल वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करेगी.

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कहा कि कीमतों में यह संशोधन मॉडल और वेरिएंट के अनुसार अलग-अलग होगा. बढ़ती कमोडिटी कीमतों और अन्य इनपुट लागतों के प्रभाव को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है.

इस वर्ष कमर्शियल वाहन श्रेणी में टाटा मोटर्स द्वारा की जा रही यह दूसरी मूल्य वृद्धि है. इससे पहले कंपनी ने 1 अप्रैल 2026 से कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी. उस समय भी कंपनी ने बढ़ती कमोडिटी और इनपुट लागतों को इसका कारण बताया था.

ताजा फैसला टाटा मोटर्स के विभिन्न कारोबारों में कीमतों में हो रही बढ़ोतरी की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने भी 1 जुलाई से अपने यात्री वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी. इसमें आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाले मॉडल और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों शामिल थे.

यह पैसेंजर वाहन कारोबार में वर्ष 2026 की दूसरी मूल्य वृद्धि थी. इससे पहले 1 अप्रैल से कंपनी ने अपने आईसीई पोर्टफोलियो की कीमतों में 0.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी.

अप्रैल में किए गए संशोधन के तहत कुछ वेरिएंट्स की कीमतों में 1.09 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई थी, जबकि टाटा अल्ट्रोज के कुछ वेरिएंट्स की कीमतों में मामूली कमी की गई थी.

पूरे ऑटोमोबाइल उद्योग में वाहन निर्माता बढ़ती कमोडिटी कीमतों, लॉजिस्टिक्स खर्च, सप्लाई चेन लागत और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के कारण कीमतों में बदलाव कर रहे हैं.

मारुति सुजुकी ने जून 2026 से अपने वाहनों की कीमतों में 30,000 रुपए तक की बढ़ोतरी की थी, जबकि ह्युंडई मोटर इंडिया ने 1 जून से कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी की थी.

इसके अलावा, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया, बीएमडब्ल्यू इंडिया, मर्सिडीज-बेंज इंडिया, ऑडी इंडिया और होंडा कार्स इंडिया जैसी कंपनियों ने भी इसी अवधि के आसपास वाहन कीमतों में वृद्धि की घोषणा की थी.

180 अरब डॉलर के टाटा समूह का हिस्सा टाटा मोटर्स India की प्रमुख कमर्शियल और पैसेंजर वाहन निर्माता कंपनियों में शामिल है. कंपनी का परिचालन India और दक्षिण कोरिया में है तथा अफ्रीका, मध्य पूर्व, लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और सार्क देशों के बाजारों में भी उसकी मौजूदगी है.

डीबीपी