
New Delhi, 28 अक्टूबर . राहुल गांधी की ओर से टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किए जाने के आरोप पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Wednesday को कहा कि नेता विपक्ष को हर मुद्दे का Politicalरण करने से बचना चाहिए. साथ ही, व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना सोचे-समझे ‘आपराधिक’ करार देना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी की पोस्ट को कोट करते हुए लिखा, “नेता विपक्ष राहुल गांधी को मेरी सलाह है कि वे हर मुद्दे का Politicalरण करने से बचें. साथ ही, व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना सोचे-समझे ‘आपराधिक’ करार देना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है.”
उन्होंने आगे कहा कि आपने बार-बार भारतीय उद्योग जगत और हमारे उद्यमियों की सफलताओं की आलोचना की है. क्या अब आप हमारे बिजनेस लीडर्स को भी अपने साथ मिलाकर अविश्वास और नफरत फैलाने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं?
दशकों तक, आपकी पार्टी ने ‘लाइसेंस-कोटा राज’ के जरिए भारतीय उद्यमियों की भावना को दबाए रखा और करोड़ों भारतीयों को गरीबी में धकेल दिया.
केंद्र Government के देश में व्यापार को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व वाली हमारी Government भारतीय उद्योग जगत को ‘रोजगार पैदा करने वाले’ और ‘आर्थिक विकास को गति देने वाले’ के रूप में महत्व देती है. हमारी नीतियां इस तरह बनाई गई हैं कि वे उद्यमों को सक्षम बनाएं, उद्योगों को समर्थन दें और निवेश को बढ़ावा दें.
Political दलों, नेताओं, Governmentों और संस्थानों की यह समान जिम्मेदारी है कि वे हमारे उद्योगों का समर्थन करें, किसानों को मजबूत बनाएं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करें. इसलिए, अपने संकीर्ण Political उद्देश्यों को साधने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय, रचनात्मक तरीके से जुड़ना ज्यादा जरूरी है.
वित्त मंत्री ने आगे कहा, “India का संविधान अपने सभी नागरिकों को न्याय की गारंटी देता है और हमारे माननीय न्यायालय इसे बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं. इतिहास गवाह है कि आपने, आपकी पार्टी ने और आपकी पार्टी से जुड़े प्रधानमंत्रियों ने किस तरह बेहद खराब तरीके से न्यायपालिका का अपमान किया है. इस कारण राहुल जी, हर जगह भूत-प्रेत देखने से बचें.”
इससे पहले राहुल गांधी ने पोस्ट कर कहा था कि टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और किसी भी कारोबारी नेता में एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं है.
साथ ही कहा कि आप कब तक चुप रहेंगे? क्या तब तक, जब तक वे आप पर पूरी तरह कब्जा न कर लें. भारतीय कारोबार मोदी और शाह के खिलौने नहीं हैं. आप में हिम्मत की कमी है. हम में नहीं है. हम इन अपराधों के लिए न्याय दिलाकर रहेंगे.
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एबीएस
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