
Mumbai , 19 अक्टूबर . ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. उन्होंने टाइगर श्रॉफ, उनके परिवार और Bollywood फिल्म उद्योग की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.
एआईसीडब्ल्यूए अध्यक्ष ने कहा कि Mumbai के सबसे प्रमुख इलाकों में से एक जुहू में टाइगर श्रॉफ पर तब गोली चलाई गई, जब वे अपनी कार के अंदर बैठे थे. इस घटना में दो लोगों को गोलियां लगीं. घटना का वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है. टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बचे और उनकी सूझबूझ के कारण ही एक बड़ा हादसा टल गया. अगर उस स्थिति में कोई और होता, तो शायद वह इसे संभाल नहीं पाता. अगर हालात कुछ और होते, तो इसके परिणाम अकल्पनीय होते और तब सवाल यह उठता कि इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाता?
टाइगर श्रॉफ का किसी भी विवाद या किसी से भी कोई दुश्मनी होने की जानकारी नहीं है. वे एक सम्मानित Actor हैं, जिन्हें पूरे देश के दर्शक पसंद करते हैं. फिर भी उन्हें दिनदहाड़े निशाना बनाया गया. इस हमले के बाद से वे और उनका पूरा परिवार डर के साये में जी रहे हैं. इससे पता चलता है कि इन अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है. एआईसीडब्ल्यू टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार के साथ खड़ा है. हमारी मांग है कि उन्हें तुरंत पूरी सुरक्षा प्रदान की जाए.
सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा, “टाइगर श्रॉफ पर हुआ हमला कोई इकलौती घटना नहीं है. यह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर हुए हमलों की एक श्रृंखला का हिस्सा है. बांद्रा में Actor सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग, बांद्रा स्थित घर पर Actor सैफ अली खान पर चाकू से हमला, जुहू में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग और कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर बार-बार हमले हुए. इससे पहले भी Bollywood हस्तियों के घरों और ठिकानों के बाहर फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं. इस बार, अपनी ही कार में बैठे एक Actor को निशाना बनाकर फायरिंग की गई. यह स्थिति का खतरनाक स्तर तक बढ़ना है. फिल्म हस्तियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, ताकि डर पैदा किया जा सके और उनसे जबरन वसूली की जा सके. पिछली घटनाओं में गैंगस्टरों ने खुलेआम जिम्मेदारी ली थी, फिर भी उनके पीछे काम करने वाले नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं. ये हमले रुके नहीं हैं और सरकारी तंत्र इन्हें रोकने तथा फिल्म इंडस्ट्री के लोगों की सुरक्षा करने में नाकाम रहा है. आज टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ है. हम गहरी चिंता के साथ पूछते हैं कि अगला नंबर किसका है?”
एआईसीडब्ल्यूए अध्यक्ष ने कहा, “अंडरवर्ल्ड का वह खौफ, जिसे कभी काबू में कर लिया गया था, 2026 में Mumbai की सड़कों पर फिर लौट आया है. किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसा दौर दोबारा आएगा. सिर्फ बयान देने से काम नहीं चलेगा, Bollywood को वास्तविक सुरक्षा की जरूरत है. भारी-भरकम टैक्स चुकाने के बावजूद, फिल्म इंडस्ट्री सवाल पूछती है? इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा, इसके लोगों पर फायरिंग कब रुकेगी और अंडरवर्ल्ड का यह खौफ कब खत्म होगा? Mumbai को 1990 के दशक के उस अंडरवर्ल्ड वाले दौर में वापस नहीं जाने दिया जाएगा और Bollywood को डर के साये में काम करने के लिए मजबूर नहीं होने दिया जाएगा.”
एआईसीडब्ल्यूए ने कहा,”फिल्म इंडस्ट्री में लाखों लोग काम करते हैं. उनकी कमाई इस बात पर निर्भर करती है कि शूटिंग बिना किसी रुकावट के चलती रहे. डर का माहौल सेट, स्टूडियो, शेड्यूल और निवेश को प्रभावित करता है, और इसका सबसे पहला और बुरा असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ता है. अगर Bollywood कलाकारों पर इस तरह के हमले होते रहे और अंडरवर्ल्ड का डर बना रहा, तो फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकार और मशहूर हस्तियां डर के मारे Mumbai छोड़कर कहीं और जाने के लिए मजबूर हो सकती हैं. यह फिल्म इंडस्ट्री, हजारों परिवारों की आजीविका, Mumbai की पहचान और पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान होगा. अगर टाइगर श्रॉफ जैसी मशहूर हस्ती शहर के बीचों-बीच सुरक्षित नहीं है, तो एक आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकता है?”
‘ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन’ (एआईसीडब्ल्यूए) टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार को बिना किसी देरी के पर्याप्त और प्रभावी सुरक्षा मुहैया कराई करने की मांग की है. इसके साथ ही गृह मंत्री से मांग की है कि एनआईए सहित संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दिया जाए कि वे Maharashtra Police के साथ मिलकर उन गैंग नेटवर्क, उनके हैंडलर्स और उन्हें फंड देने वालों की जांच करें, जो टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले और इससे पहले हुए हमलों के पीछे हैं. गोली चलाने वालों और उन्हें ऐसा करने का आदेश देने वालों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और जबरन वसूली करने वाले इस नेटवर्क को तोड़ा जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनों के तहत फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चले, ताकि दोषियों को बिना किसी देरी के सजा मिल सके.
फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाई जाए, बार-बार हो रही इन घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय की जाए, Bollywood से गैंगस्टरों के खौफ को हमेशा के लिए खत्म किया जाए और की गई कार्रवाई पर एक समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट दी जाए.
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ओपी/पीएम
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