टंप ने ईरान को बताया ‘विफल राष्ट्र’, वहां नेतृत्‍व करने वाला कोई स्‍पष्‍ट नेता नहीं

वॉशिंगटन, 1 सितंबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने दावा करते हुए कहा क‍ि ईरान की सैन्य ताकत पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है. उन्‍होंने कहा क‍ि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के पास नेतृत्व करने वाला कोई स्‍पष्‍ट लीडर द‍िखाई नहीं देता है.

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए, जब ट्रंप से पूछा गया कि बातचीत रुकने और नए हमलों के बाद ईरान में नेतृत्व कौन संभाल रहा है, तो उन्होंने कहा, “उन्हें खुद भी शायद नहीं पता. मेरी राय में, उन्हें नहीं पता कि उनका नेता कौन है. कट्टरपंथी लोग तो हैं, लेकिन सैन्य दृष्टि से उनका काफी सफाया हो चुका है, क्योंकि उनकी सेना अब पहले जैसी नहीं रही.”

हालांकि, ट्रंप ने किसी खास व्यक्ति या समूह का नाम नहीं लिया, जिसे अमेरिका ईरान में वर्तमान नेतृत्व की भूमिका में मानता हो. उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत भी पेश नहीं किया.

ट्रंप ने ईरान को एक ‘विफल राष्ट्र’ बताते हुए कहा कि देश गंभीर आर्थिक और सैन्य दबाव का सामना कर रहा है.

उन्होंने कहा, “वहां 350 प्रतिशत महंगाई है, उनकी मुद्रा की हालत खराब है, सैनिकों को वेतन नहीं मिल रहा है, उनके कई नेता मारे जा चुके हैं, उनकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, वायुसेना भी नहीं के बराबर है और उनकी निगरानी व्यवस्था का अधिकांश हिस्सा भी नष्ट हो चुका है.”

जब ट्रंप से पूछा गया कि नए हमले सीमित कार्रवाई हैं या फिर पूर्ण युद्ध की ओर वापसी का संकेत हैं, तो उन्होंने सीधे तौर पर इस अभियान की अवधि या दायरे के बारे में कुछ नहीं कहा.

उन्होंने कहा, “इसका यह मतलब नहीं है कि हम उन्हें जवाब नहीं देंगे. आगे क्या होगा, यह देखेंगे.”

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने होर्मुज स्‍ट्रेट में स्थिति को नियंत्रण में रखा हुआ है और वह व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में मदद कर रहा है.

उन्होंने कहा क‍ि होर्मुज स्‍ट्रेट में स्थिति हमारे नियंत्रण में है. हम वहां हालात को संभाल रहे हैं. कल रात नौसेना की मदद से कई जहाज सुरक्षित रूप से वहां से गुजर पाए.

ट्रंप के अनुसार, हर रात औसतन करीब 30 जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर रहे हैं और बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति जारी है.

उन्होंने कहा, “हम औसतन 30 जहाज हर रात गुजरते देख रहे हैं. काफी तेल बाहर आ रहा है. यही वजह है कि तेल की कीमतें उतनी नहीं बढ़ीं, जितनी बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी.”

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके.

उन्होंने कहा क‍ि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं पाएगा. असली मुद्दा यही है. बात किसी और चीज की नहीं है. उन्होंने आगे कहा क‍ि अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए यह जरूरी है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों.

ट्रंप ने दावा किया कि यदि ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है, तो इससे इजरायल, पूरे मध्य पूर्व और भविष्य में अमेरिका के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.

एवाई/एएस