
रांची, 3 सितंबर . Jharkhand के बोकारो से छह साल पहले लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. Jharkhand हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की रांची इकाई ने यह First Information Report दर्ज की है. मामले में मानव तस्करी की आशंका और अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच की जाएगी.
Thursday को हाईकोर्ट ने सीबीआई निदेशक को जांच की उचित निगरानी और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को 27 अक्टूबर तक हलफनामे के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. मामला बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र का है. 16 अक्टूबर 2020 को 14 वर्षीय लड़की ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी. इसके बाद वह वापस नहीं लौटी. परिजनों की शिकायत पर उसी दिन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. शुरुआत में मामले की जांच बोकारो Police ने की.
Police ने लड़की की तलाश के लिए कई स्तर पर जांच की, लेकिन उसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी. जांच के दौरान तीन लोगों का नार्को टेस्ट भी कराया गया था. हालांकि, इससे भी लापता लड़की के संबंध में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने नहीं आई. Police की जांच में सफलता नहीं मिलने के बाद लड़की की मां ने Jharkhand हाईकोर्ट में याचिका दायर की. सुनवाई के दौरान राज्य Government की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है. सीआईडी ने बाद में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर मामले की जांच शुरू की.
अदालत के निर्देश पर सीआईडी ने जांच की प्रगति रिपोर्ट भी सौंपी. रिपोर्ट में लड़की के लापता होने की घटना के पीछे मानव तस्करी की आशंका जताई गई. सीआईडी ने इसे अंतरराज्यीय मामला बताते हुए तकनीकी संसाधनों और जांच से जुड़ी कुछ दिक्कतों के कारण आगे की जांच में असमर्थता भी जताई. इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने को लेकर केंद्रीय एजेंसी और राज्य Government से राय मांगी. सीबीआई ने मामले की जांच करने पर अपनी सहमति दी. राज्य Government ने भी सीबीआई जांच पर कोई आपत्ति नहीं होने की जानकारी अदालत को दी.
दोनों पक्षों की राय सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया. अदालत ने सीआईडी के एडीजी को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड सीबीआई के रांची स्थित ईस्टर्न जोन के संयुक्त निदेशक को सौंपने का निर्देश दिया है. अब सीबीआई Police और सीआईडी की पूर्व जांच से मिले रिकॉर्ड की समीक्षा करने के साथ ही पुराने सुरागों की नए सिरे से पड़ताल करेगी.
अंतरराज्यीय कनेक्शन, मानव तस्करी की आशंका और उपलब्ध डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी. करीब छह साल से बेटी की तलाश कर रहे परिवार के लिए सीबीआई जांच से अब मामले में ठोस सुराग मिलने की उम्मीद जगी है.
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एसएनसी/डीकेपी
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