झारखंड : पूर्वी सिंहभूम में ब्रेन मलेरिया से पांच दिनों में चार बच्चों की मौत, बीमारी के प्रकोप ने बढ़ाई चिंता

जमशेदपुर, 28 अक्टूबर . Jharkhand के कोल्हान प्रमंडल में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप गंभीर रूप लेता जा रहा है. पूर्वी सिंहभूम और आसपास के इलाकों में पिछले पांच दिनों के दौरान ब्रेन मलेरिया से चार बच्चों की मौत हो गई है. तीन बच्चों की मौत जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान हुई है.

ताजा मामले में सरायकेला-खरसावां जिले के गोपालपुर निवासी छह वर्षीय राहुल जामूदा की Tuesday को एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. वह पिछले सात दिनों से अस्पताल के शिशु रोग विभाग की पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती था. हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था.

अस्पताल के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. केके चौधरी ने बताया कि राहुल ब्रेन मलेरिया से पीड़ित था. 21 अक्टूबर से उसे वेंटिलेटर पर रखकर इलाज किया जा रहा था. चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. परिजनों के अनुसार, तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत के बाद उसे अस्पताल लाया गया था.

इससे पहले बोड़ाम प्रखंड के मोहनपुर निवासी छह वर्षीय शकुंतला सबर की भी एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. उसे तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था. जांच में सेरेब्रल मलेरिया के साथ जापानी इंसेफेलाइटिस की भी पुष्टि हुई थी.

कोल्हान में इससे पहले सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ निवासी मंगरा मुंडा की आठ वर्षीय बेटी बुधनी मुंडा की भी मौत हो गई थी. वह ब्रेन मलेरिया के साथ गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी. उसके दो भाई-बहन भी मलेरिया से संक्रमित पाए गए थे और उनका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा था. जिले के नीमडीह निवासी रखाल सबर की एक वर्षीय बेटी आरती सबर की भी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई थी.

पूर्वी सिंहभूम के पोटका, मुसाबनी, पटमदा, डुमरिया, घाटशिला और चाकुलिया सहित कई ग्रामीण इलाकों में संक्रमण का असर अधिक बताया जा रहा है. जिले में पिछले हफ्ते एक दिन के विशेष जांच अभियान के दौरान 11,517 लोगों की जांच की गई थी. इनमें 71 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई.

संक्रमितों में 55 मरीज प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम और 15 मरीज प्लाज्मोडियम विवैक्स से पीड़ित बताए गए. सबसे अधिक 31 मरीज पोटका प्रखंड में मिले. स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में जांच और जागरूकता अभियान तेज करने तथा स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी या कंपकंपी होने पर तत्काल मलेरिया की जांच कराने और इलाज में देरी नहीं करने की अपील की है.

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एसएनसी/एसके