
रांची, 1 नवंबर . Jharkhand के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ कथित बलात्कार की घटना पर राज्य में सियासी माहौल गरमा गया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व Chief Minister चंपई सोरेन ने इसे लेकर राज्य Government पर तीखा हमला बोला है. दोनों नेताओं ने कहा है कि यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रमाण है. दोनों नेताओं ने दोषी Policeकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गम्हरिया थाने में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि इससे पहले बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भी एक महिला कैदी के यौन शोषण और गर्भवती होने का मामला सामने आया था. ऐसे मामलों से यह सवाल उठता है कि जब सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले संस्थानों में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो वे न्याय और सुरक्षा की उम्मीद किससे करेंगी.
मरांडी ने Police महानिदेशक तदाशा मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि महिला डीजीपी के कार्यकाल में भी थानों और जेलों में महिलाओं के साथ यौन शोषण की घटनाएं सामने आना गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने डीजीपी पर Police व्यवस्था में सुधार और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय अन्य गतिविधियों में उलझे रहने का आरोप लगाया. मरांडी ने सरायकेला के Police अधीक्षक से आरोपी Policeकर्मी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की. पूर्व Chief Minister चंपई सोरेन ने घटना को राज्य में जंगल राज का उदाहरण बताया.
उन्होंने कहा कि एक महिला पारिवारिक विवाद और पति की प्रताड़ना की शिकायत लेकर Police के पास पहुंची थी. आरोप है कि उसे देर रात थाने में लाया गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया. चंपई ने सवाल उठाया कि यदि थाने में ही फरियादी महिला सुरक्षित नहीं है, तो वह न्याय के लिए कहां जाएगी. उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी सहित कुछ Policeकर्मियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है. ऐसे Policeकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए और वरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए.
बता दें कि गम्हरिया थाना क्षेत्र के दुग्धा गांव की रहने वाली महिला Thursday देर रात पारिवारिक विवाद और पति की प्रताड़ना की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी. रात अधिक होने के कारण Policeकर्मियों ने उसे थाने में ही रुकने की सलाह दी. आरोप है कि इस दौरान ड्यूटी पर तैनात वायरलेस ऑपरेटर और सिपाही नीरज लकड़ा महिला को थाने के एक कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया.
मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी मनोज स्वर्गियारी के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया. Police ने आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं, गम्हरिया थाना प्रभारी समेत चार Policeकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए घटनास्थल वाले कमरे को भी सील कर दिया गया है.
–
एसएनसी/एएस
Skip to content