
New Delhi/ रांची, 24 अगस्त . Supreme Court ने Jharkhand में जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर Monday को सुनवाई करते हुए Jharkhand Government समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है.
नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता और पैसे लेकर अयोग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति के आरोपों की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर हरिशरण देवगन ने Supreme Court ने यह याचिका दाखिल की है, जिसकी सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहनन की पीठ में हुई.
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि Jharkhand में विभिन्न नियुक्तियों में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं. नियुक्ति प्रक्रिया में कथित तौर पर पैसे का लेन-देन हुआ और अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाकर सरकारी पदों पर नियुक्त किया गया. इस मामले में छात्र और अभ्यर्थी लंबे समय से सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी दलील दी गई कि राज्य Government मामले की सीबीआई जांच कराने के पक्ष में नहीं है. ऐसे में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी है. याचिका में राज्य Government, केंद्र Government, सीबीआई, सीआईडी, जेपीएससी और जेएसएसी को प्रतिवादी बनाया गया है. मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि गड़बड़ी का दायरा केवल एक-दो नियुक्तियों तक सीमित नहीं है.
सीआईडी की जांच में गड़बड़ियों के मामले सामने आने के बाद राज्य Government पहले ही 22 नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द कर चुकी है. इसके अलावा छह नियुक्तियों की प्रक्रिया को स्थगित किया गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की व्यापकता को देखते हुए केवल विभागीय या राज्य एजेंसी की जांच पर्याप्त नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सत्यम राजपूत ने दलीलें पेश कीं. Supreme Court द्वारा नोटिस जारी करने के आदेश के बाद अब राज्य Government और अन्य प्रतिवादियों का पक्ष सामने आएगा.
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एसएनसी/एएस
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