झारखंडः रामगढ़ के एनएच जमीन मुआवजा घोटाले में एसीबी ने दो पूर्व कर्मियों को किया गिरफ्तार

हजारीबाग, 1 अक्टूबर . Jharkhand के एंटी करप्शन ब्यूरो ने रामगढ़ जिले में एनएच 33 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजा घोटाले के करीब आठ साल पुराने मामले में Thursday को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पूर्व कर्मियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन अमीन बालेश्वर प्रसाद और जिला भू-अर्जन कार्यालय, रामगढ़ के तत्कालीन प्रधान सहायक प्रवीण कुमार सिन्हा शामिल हैं.

एसीबी के अनुसार, यह मामला एसीबी थाना कांड संख्या 13/18 से जुड़ा है. प्राथमिकी 18 सितंबर 2018 को दर्ज की गई थी. मामला रामगढ़ जिले के मांडू अंचल के जोंडाकर्म मौजा की जमीन के मुआवजा भुगतान में कथित अनियमितता से संबंधित है. इस गांव में खाता संख्या 126 और प्लॉट संख्या 2677 की कुल 1.92 एकड़ जमीन एनएच-33 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई थी. आरोप है कि इस जमीन के मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया में तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए अनियमितता बरती.

गिरफ्तार बालेश्वर प्रसाद की उम्र 69 वर्ष है. वह हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेरू के रहने वाले हैं. मामले के समय वह रामगढ़ जिले के मांडू अंचल में अमीन के पद पर कार्यरत थे. दूसरे आरोपी प्रवीण कुमार सिन्हा की उम्र 63 वर्ष है. वह हजारीबाग के रामनगर के निवासी है हैं. कथित घोटाले के समय वह जिला भू-अर्जन कार्यालय, रामगढ़ में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत थे.

एसीबी के अनुसार, इस मामले में तत्कालीन सहायक, प्रधान सहायक, अमीन, कानूनगो सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. आरोपियों पर जमीन के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में अनियमितता करने और सरकारी राशि से जुड़े मामले में नियमों का उल्लंघन करने के आरोप हैं. मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी और 406 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

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एसएनसी/डीकेपी