जेल में मोबाइल फोन मामले में प्रज्वल रेवन्ना दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए

Bengaluru, 8 सितंबर . Bengaluru की विशेष अदालत ने जेल के भीतर मोबाइल फोन रखने और इस्तेमाल करने के मामले में पूर्व जेडी(एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना को दो दिन की Police हिरासत में भेज दिया है. अदालत ने उनके सह-आरोपी प्रताप राय को भी दो दिन की Police कस्टडी में भेजने का आदेश दिया.

प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय को Tuesday को Bengaluru की 42वीं एसीजेएम अदालत में पेश किया गया. Police ने दोनों से पूछताछ और मामले की आगे की जांच के लिए हिरासत की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.

प्रज्वल रेवन्ना वर्तमान में दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. वह पूर्व Prime Minister एच.डी. देवेगौड़ा के पोते, जेडी(एस) विधायक एच.डी. रेवन्ना के बेटे और Union Minister एच.डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं.

यह मामला तब दर्ज हुआ, जब Bengaluru की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और चार्जर बरामद किए गए. इसके बाद social media पर एक कथित वीडियो सामने आया, जिसमें रेवन्ना अपनी वीआईपी सेल में मोबाइल फोन पर बात करते नजर आए. वीडियो में उन्हें जेल के भीतर अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए भी दिखाया गया, जिसके बाद Police ने First Information Report दर्ज कर जांच शुरू की.

Police के अनुसार, प्रज्वल रेवन्ना के साथ उसी सेल में रह रहे प्रताप राय को इस मामले में आरोपी नंबर-1 और प्रज्वल रेवन्ना को आरोपी नंबर-2 बनाया गया है.

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बरामद मोबाइल फोन में आंध्र प्रदेश में पंजीकृत सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया था. रेवन्ना ने पूछताछ में दावा किया है कि मोबाइल फोन प्रताप राय का था.

Police सेल से बरामद एक नोटबुक की भी जांच कर रही है, जिसमें रेवन्ना के परिवार और रिश्तेदारों के संपर्क नंबर लिखे मिले हैं. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि जब्त मोबाइल फोन से उनके कुछ रिश्तेदारों को कॉल भी किए गए थे.

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आंध्र प्रदेश का सिम कार्ड कैसे हासिल किया गया, मोबाइल फोन जेल के अंदर किसने पहुंचाया, बैरक तक यह सामान कैसे पहुंचा और क्या जेल सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक हुई. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जेल के अंदर या बाहर किसी व्यक्ति ने मोबाइल और सिम उपलब्ध कराने में मदद की थी या नहीं.

डीएससी