जेपी एनआईसी: अखिलेश का फिर हमला, बोले ‘कुछ तो गड़बड़ है’, एलडीए को बताया ‘लखनऊ डिस्ट्रक्शन अथॉरिटी’

Lucknow, 1 सितंबर . जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपी एनआईसी) को लीज पर दिए जाने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर वीडियो साझा कर योगी Government और Lucknow विकास प्राधिकरण (एलडीए) पर निशाना साधा है. उन्होंने एलडीए की उस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जिसके आधार पर जेपी एनआईसी को लेकर Government की ओर से सफाई दी जा रही है.

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने social media मंच एक्स पर लिखा है कि ये तो एलडीए ने सच ही कहा कि अगर जेपीएनआईसी भाजपा Government चलाएगी तो हज़ारों करोड़ का नुक़सान होगा क्योंकि सारी कमाई ये कमीशनख़ोर भाजपाई और उनके भ्रष्ट अधिकारी खा जाएंगे. उन्होंने आगे लिखा कि वैसे एलडीए के इन ज्ञानियों-अधिकारियों से ये पूछा जाए कि क्या कोई व्यापारी घाटे का सौदा करेगा मतलब भाजपा और उनके नालबद्ध अधिकारियों को कमीशन भी खिलाएगा और घाटा भी उठाएगा.

सपा प्रमुख ने कहा कि अब तो जनता एलडीए से पूछ रही है : इस रिपोर्ट को बनाने के लिए आपको कितना परसेंट कमीशन मिला? एलडीए अपनी फुल फार्म बदलकर, ये कर ले : ‘Lucknow डिस्ट्रक्शन अथॉरिटी’. जनता पूछ रही है कि Chief Minister जी और उनके सरकारी विभाग-महकमे जेपीएनआईसी बेचने पर इतनी ज़्यादा सफ़ाई क्यों दे रहे हैं. जनता को ऐसा क्यों लागा कुछ तो गड़बड़ है. ज्ञात हो कि जेपीएनआईसी को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच Political टकराव लगातार तेज हो रहा है.

अखिलेश यादव Government के कार्यकाल में करीब 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस परियोजना का लंबे समय तक संचालन नहीं हो सका. योगी Government ने अब अधूरे कार्य पूरे कराने और संचालन के लिए इसे 30 साल की लीज पर निजी कंपनियों को देने का फैसला किया है. Government का तर्क है कि इससे केंद्र का विकास और संचालन सुनिश्चित होगा तथा एलडीए को राजस्व प्राप्त होगा. वहीं, अखिलेश यादव ने इस फैसले को सार्वजनिक संपत्ति निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.

विकेटी/पीएम