जेपीएनआईसी विवाद पर गरमाई सियासत, भाजपा ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

Lucknow, 30 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने Samajwadi Party अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने जेपीएनआईसी विवाद, अंकित बालियान मर्डर केस और एक्सप्रेसवे को लेकर अखिलेश के बयानों पर पलटवार किया. वहीं, उन्होंने पीएम मोदी की ताशकंद बैठक के बाद भारत-उज्बेकिस्तान के रिश्ते मजबूत होने का स्वागत किया.

अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर दिनेश शर्मा ने कहा, “अंकित बालियान के साथ हुई घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. Government और Police की टीम मामले की तह तक जाने के लिए तेजी से काम कर रही है, और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी.”

राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा, “अगर तथ्यों के आधार पर कोई आरोप लगाया जाता है तो वह जांच का विषय बन जाता है, लेकिन जब कोई सिर्फ अपना बचाव करने के लिए आरोप लगाता है तो जाहिर है कि यह एक अलग बात है. Chief Minister ने इस पूरे मामले को बहुत विस्तार से समझाया है.”

जेपीएनआईसी विवाद पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “जब अखिलेश यादव सत्ता में थे तो जेपीएनआईसी की लागत का अनुमान 200 करोड़ रुपए लगाया गया था, लेकिन इसके निर्माण में 865 करोड़ रुपए खर्च हुए और फिर भी काम पूरा नहीं हुआ. बाद में जब Government ने देखा कि जेपीएनआईसी का इस्तेमाल नहीं हो रहा है तो उसने इसे एलडीए को सौंप दिया.”

वहीं, मंत्री संजय निषाद ने कहा, “आयोग स्वत: अपने में एक संवैधानिक संस्था है. अगर उस पर भी सवाल उठाएंगे तो भरोसा किस पर किया जाएगा. ऐसे में आज उसे संरक्षित, विकसित और रखरखाव करने की आवश्यकता है. विपक्ष की तरफ से जो भी बयानबाजी की जा रही है, वह पूरी तरह से निराधार है.”

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा, “अखिलेश यादव अर्थहीन बातें करते हैं. पूरा राज्य जानता है कि वे किस राह पर चलते हैं. उन्हें Government के हर काम पर आपत्ति है. वे समाज के अंदर जातिगत विद्वेष पैदा करने का काम कर रहे हैं. जेपीएनआईसी या अन्य विषय हो, आने वाला समय भाजपा का है. प्रदेश तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है.”

मंत्री असीम अरुण ने अखिलेश यादव की एक्सप्रेसवे को लेकर की गई आलोचना पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव बार-बार अपने कार्यकाल में बने एक्सप्रेसवे को हाईलाइट कर रहे हैं, जबकि योगी Government ने एक बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क बनाया है.

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