जी-20 में भारत ने किया अमेरिका के ग्रोथ एजेंडे का समर्थन, सीतारमण बोलीं-वैश्विक असंतुलन दूर करना जरूरी

एशविले, 1 सितंबर . India ने जी20 की अमेरिकी अध्यक्षता के तहत आर्थिक विकास, वैश्विक असंतुलन और वित्तीय साक्षरता पर फोकस का समर्थन किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ द्विपक्षीय बैठक के बाद यह बात कही.

को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा कि New Delhi और वाशिंगटन अमेरिकी अध्यक्षता में चर्चा किए जा रहे मुख्य मुद्दों पर एक ही राय रखते हैं.

उन्होंने कहा, “अमेरिकी अध्यक्षता ने विकास को प्राथमिकता बताया है. इसने वैश्विक असंतुलन को एक चिंता के रूप में बताया है. अमेरिका ने वित्तीय साक्षरता को भी बहुत स्पष्ट रूप से उच्च महत्व दिया है, जो वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रिय विषय है. तो इन सभी मुद्दों पर हम अमेरिका के साथ पूरी तरह से हैं.”

उन्होंने कहा कि India चाहता है कि जी20 सदस्य अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करें. उन्होंने कहा, “ये वो बिंदु हैं जिन पर हम भी निष्पक्ष, खुली चर्चा चाहते हैं. विकास जी20 के वित्तीय ट्रैक के लिए एक केंद्रीय बिंदु है. इसी तरह वैश्विक असंतुलन को भी सुलझाना होगा.”

वित्त मंत्री ने वाशिंगटन द्वारा तय की गई प्राथमिकताओं का स्वागत किया और कहा कि India एशविले में चल रही चर्चाओं में सक्रिय योगदान दे रहा है. उन्होंने कहा, “मैं इन बिंदुओं को उठाने के लिए अमेरिकी अध्यक्षता की सराहना करती हूं, और आज हुई चर्चाओं में हमने योगदान दिया है.”

वित्त मंत्री सीतारमण ने दिन में आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत के लिए बेसेंट से मुलाकात भी की. उन्होंने कहा, “मैं यहां यह भी जोड़ना चाहती हूं कि आज वित्त मंत्री बेसेंट के साथ मेरी बहुत ही सकारात्मक, रचनात्मक द्विपक्षीय चर्चा हुई है.”

उन्होंने इंटरव्यू में बैठक का कोई खास विवरण नहीं दिया. हालांकि, उनके बयान से संकेत मिला कि जी-20 के वित्तीय ट्रैक में विकास को केंद्र में रखने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में असंतुलन को दूर करने की जरूरत पर India और अमेरिका के बीच व्यापक सहमति है.

वित्त मंत्री ने जी20 बैठक के दौरान पोलैंड, कतर, दक्षिण कोरिया और रूस के प्रतिनिधियों के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं.

उन्होंने कहा, “पोलैंड, कतर, कोरिया, रूस के साथ भी मेरी बैठकें हुई हैं. ये सभी आज हुईं और बहुत ही सकारात्मक रहीं. सभी के हाथों में India के बारे में तथ्य थे और वे India के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए उत्सुक हैं.”

वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ चर्चाओं के बाद आगे और द्विपक्षीय आर्थिक बैठकें होंगी. दक्षिण कोरिया के साथ एक संवाद इस साल के अंत में होगा, जबकि कतर के साथ भी इसी साल संवाद होगा. उन्होंने कहा, “ऐसी कई गतिविधियां हैं जो हमने India और अर्थव्यवस्था और वित्त पर द्विपक्षीय जुड़ाव के लिए तय की हैं.”

जी20 बैठक में वित्त मंत्री की भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब India ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है. उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि वित्तीय और पेशेवर सेवा क्षेत्र में 12.1 प्रतिशत का विस्तार हुआ है.

वित्त मंत्री ने इन आंकड़ों को वैश्विक चुनौतियों के बावजूद India की आर्थिक मजबूती का सबूत बताया. उन्होंने कहा कि जब भी नई चुनौतियां सामने आएंगी तो Government India को फायदेमंद स्थिति में लाने के लिए काम करेगी.

वित्त मंत्री सीतारमण ने अपनी विदेश यात्रा कनाडा से शुरू की थी, जहां उन्होंने कनाडा के वित्त मंत्री के साथ बातचीत की. इसके बाद वह फंडिंग एजेंसियों के साथ चर्चा के लिए शिकागो गईं और फिर जी20 बैठक के लिए एशविले पहुंचीं. यहां के कार्यक्रम पूरे करने के बाद वित्त मंत्री न्यूयॉर्क जाएंगी, जहां वह भारतीय बाजार में प्रवेश करने के इच्छुक निवेशकों से मिलेंगी.

पीएम