
Bhopal , 6 सितंबर . Madhya Pradesh कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सागर में जहरीली शराब पीने से करीब 15 लोगों की मौत का दावा करते हुए राज्य Government पर तीखा हमला बोला है. पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब और ड्रग माफिया बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं और आम लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं. उन्होंने इस मामले की तत्काल न्यायिक जांच कराने और दोषियों को 24 घंटे के भीतर जेल भेजने की मांग की.
जीतू पटवारी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सागर में जहरीली शराब से मौत की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले शाहपुरा में भी नौ लोगों की मौत हुई थी.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह पहले स्वयं सागर जाकर पीड़ित परिवारों से मिल चुके हैं और वहां लोगों के बीच नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर गहरी चिंता है.
कांग्रेस नेता ने Chief Minister मोहन यादव को लिखे अपने पूर्व पत्र का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही Government को प्रदेश में अवैध शराब और नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार के बारे में आगाह किया था. पटवारी के अनुसार, राज्य में शराब माफिया के बढ़ते प्रभाव के कारण कई परिवारों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि सागर की ताजा घटना में करीब 15 लोगों की मौत बेहद गंभीर मामला है और Government को तत्काल कठोर कार्रवाई करनी चाहिए. पटवारी ने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने के बाद भी प्रशासन निष्क्रिय रहता है तो यह Government की जवाबदेही और उसके कामकाज के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश Government शराब माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पूरी न्यायिक जांच होनी चाहिए, ताकि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.
जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर आने की जानकारी देते हुए कहा कि उनका कार्यक्रम गैर-Political है. इसका उद्देश्य शिक्षा के भविष्य और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है.
पटवारी के मुताबिक, कार्यक्रम में बच्चों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने और Madhya Pradesh में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के दौरे के पीछे कोई Political उद्देश्य नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर चर्चा करना इसका मुख्य मकसद है.
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