जीडीपी ग्रोथ बड़ी उपलब्धि नहीं, महंगाई-रोजगार पर जवाब दे सरकार: पवन खेड़ा

New Delhi, 1 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi द्वारा देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ को बड़ी उपलब्धि बताए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र Government पर निशाना साधा है. कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने जीडीपी के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल आर्थिक विकास दर बढ़ने से आम जनता, किसानों और युवाओं की समस्याएं खत्म नहीं हो जातीं. उन्होंने महंगाई, रोजगार, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की स्थिति को लेकर Government से जवाब मांगा.

पवन खेड़ा ने से बातचीत में Prime Minister मोदी द्वारा जीडीपी ग्रोथ की तारीफ किए जाने पर कहा कि Government एक तिमाही के आंकड़ों के आधार पर अपनी उपलब्धि गिना रही है, लेकिन यह बताना चाहिए कि इसका फायदा समाज के अलग-अलग वर्गों को कितना मिला. उन्होंने सवाल किया कि किसानों को इस आर्थिक वृद्धि का क्या लाभ हुआ और क्या कृषि क्षेत्र पर इसका सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है? खेड़ा ने कहा कि देश की बड़ी आबादी युवा है और युवाओं के सामने रोजगार सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे में Government को बताना चाहिए कि जीडीपी बढ़ने से युवाओं की समस्याओं का कितना समाधान हुआ. उन्होंने पूछा कि क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हुई हैं और क्या महंगाई से आम लोगों को राहत मिली है.

कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि यदि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है तो बड़ी संख्या में लोगों को अभी भी मुफ्त राशन पर निर्भर क्यों रहना पड़ रहा है. उन्होंने दूध, चीनी और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए कहा कि आम परिवारों के घरेलू बजट पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर Government पर सवाल उठाते हुए खेड़ा ने कहा कि जीडीपी के आंकड़ों के साथ-साथ यह भी देखा जाना चाहिए कि विनिर्माण क्षेत्र में वास्तविक सुधार कितना हुआ है और रोजगार के कितने अवसर पैदा हुए हैं.

Prime Minister के उस बयान पर भी पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कुछ लोगों पर देश में निराशावादी माहौल बनाने और ‘झूठ की गूंज’ फैलाने का आरोप लगाया था. खेड़ा ने कहा कि देश के अलग-अलग वर्गों में समस्याएं हैं और किसानों से लेकर आम परिवार तक आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं. उन्होंने Prime Minister की उन सलाहों पर भी कटाक्ष किया, जिनमें कथित तौर पर लोगों से सोना नहीं खरीदने, बड़ी शादियां नहीं करने और विदेश नहीं जाने जैसी बातें कही जाती हैं.

उन्होंने कहा कि Government को जनता की वास्तविक परेशानियों पर बात करनी चाहिए. केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि देश निराश न हो, बल्कि महंगाई और रोजगार जैसी समस्याओं का समाधान भी होना चाहिए.

रूस और ईरान के संदर्भ में Prime Minister मोदी के ‘युद्ध मानवता को पीछे ले जाता है’ वाले बयान पर खेड़ा ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि India की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर Government की भूमिका के कारण उसकी अपील को कितनी गंभीरता से लिया जाएगा, यह भी महत्वपूर्ण है. खेड़ा ने आरोप लगाया कि Government ने कुछ अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में ऐसा रुख अपनाया, जिसके बाद अब दूसरे देशों को युद्ध रोकने की सलाह देने की उसकी नैतिक स्थिति पर सवाल उठते हैं. उन्होंने पूछा कि जब दुनिया में युद्ध चल रहे हैं तो India को अपनी कूटनीतिक भूमिका और रुख को स्पष्ट करना चाहिए.

Mumbai में दूध की कीमत में 9 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी और दिल्ली में सीएनजी के दाम में 3 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि का उल्लेख करते हुए पवन खेड़ा ने Government पर महंगाई को लेकर हमला बोला. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि जीडीपी इतनी मजबूत है तो दूध की हर थैली के साथ जीडीपी का आंकड़ा भी छाप देना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को कीमत बढ़ने के साथ यह बताया जा सके कि अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है. Government को केवल जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों पर अपनी उपलब्धि बताने के बजाय यह जवाब देना चाहिए कि महंगाई, रोजगार, कृषि और आम आदमी की आय पर आर्थिक विकास का वास्तविक असर कितना पड़ा है. आर्थिक विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे.