
Mumbai , 5 अक्टूबर . दिग्गज पटकथा लेखक जोड़ी सलीम-जावेद के सदस्य और मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने हाल ही में उनके नाम से वायरल किए गए एक फर्जी संदेश को लेकर सफाई दी है.
जावेद अख्तर ने Monday को ‘एक्स’ अकाउंट पर एक लंबा नोट लिखकर उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके की आलोचना की है. उन्होंने बताया कि वह मैसेज नकली है.
उन्होंने लिखा, “मैं जावेद अख्तर, सभी को बताना चाहता हूं कि social media पर चल रहा वह नकली मैसेज, जिसमें कहा गया है कि मैंने सीजेपी की आलोचना की है और अभिजीत दिपके को बुरा-भला कहा है, पूरी तरह से झूठा है.”
उन्होंने कहा, “मुझे हैरानी है कि जो लोग दिपके और सीजेपी का विरोध कर रहे हैं, उन्हें मुझ जैसे व्यक्ति से विश्वसनीयता उधार लेने की जरूरत पड़ रही है. क्या हालत हो गई है? दुखद है.”
social media पर एक नकली मैसेज फैलाया गया, जिसमें दावा किया गया कि जाने-माने गीतकार और पटकथा लेखक ने अभिजीत दिपके और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की आलोचना की है. उस मैसेज में दिपके को अरविंद केजरीवाल का ‘कठपुतली’ बताया गया और सीजेपी पर भाजपा विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया गया.
इस बीच, अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक नया विरोध अभियान शुरू किया है. यह आंदोलन 2 अक्टूबर को Mumbai में शुरू हुआ, जिसमें Police द्वारा प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने के बावजूद सैकड़ों समर्थक शिवाजी पार्क में जमा हुए.
सीजेपी चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का विरोध कर रही है और उसने इस प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. चुनाव आयोग का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य योग्य मतदाताओं को बनाए रखते हुए डुप्लिकेट, मृत और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना है.
सीजेपी ने घोषणा की है कि यह अभियान गोवा, Bengaluru और कोलकाता सहित अन्य शहरों तक भी फैलाया जाएगा. दिपके ने दिल्ली लौटने की भी घोषणा की है और कहा है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. दिल्ली Police ने 4 अक्टूबर को एक प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था.
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एससीएच/
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