जापान में तूफान डुजुआन का कहर, दो की मौत और चार लापता

टोक्यो, 22 सितंबर . जापान में शक्तिशाली तूफान डुजुआन ने भारी तबाही मचाई है. टोक्यो के आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार के लापता होने की खबर है. तूफान के कारण करीब 50 हजार घरों की बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई.

जापानी अधिकारियों के अनुसार, तूफान अब उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते हुए जापान से दूर निकल गया है, जिसके बाद ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनियों का स्तर कम कर दिया गया है. हालांकि लगातार हुई बारिश के कारण जमीन के धंसने और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा अभी बना हुआ है.

क्योडो न्यूज एजेंसी के अनुसार, कानागावा प्रांत के योकोसुका शहर में भूस्खलन के कारण एक घर में कीचड़ और मलबा घुस गया, जिसमें 60 वर्ष की एक महिला की मौत हो गई. चिबा प्रांत में भी एक व्यक्ति की मौत हुई है. अधिकारियों और बचाव दलों ने भूस्खलन प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा है.

कानागावा के मियूरा शहर में भी भूस्खलन से मकान प्रभावित हुए. बचाव दल मलबे को हटाकर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं. स्थानीय मीडिया के अनुसार, भूस्खलन के बाद चार लोग लापता बताए जा रहे हैं.

चिबा प्रांत के सोदेगाउरा शहर में सड़क की मरम्मत का काम कर रहे 51 वर्षीय एक व्यक्ति की भी मौत हो गई. Police के अनुसार, भूस्खलन की चपेट में आने से वह जिस भारी मशीन को चला रहे थे, उसके साथ मलबे में दब गए. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

तूफान के कारण टोक्यो और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी. जापान के फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के अनुसार, Monday को टोक्यो और आसपास के क्षेत्रों में 16 लाख से अधिक लोगों को निकासी की सलाह दी गई थी. यह अनिवार्य आदेश नहीं था.

इजु ओशिमा में बारिश ने रिकॉर्ड कायम किया. जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके के अनुसार, 48 घंटे में वहां 832 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सितंबर की पूरे महीने की औसत बारिश से दोगुने से भी अधिक है. टोक्यो के एडोगावा वार्ड में 24 घंटे के दौरान 282.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो वहां का रिकॉर्ड है.

भारी बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं. चिबा और कांतो क्षेत्र में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया. कई वाहन पानी में फंस गए. अधिकारियों ने लोगों से जलभराव वाली सड़कों और भूमिगत स्थानों से दूर रहने की अपील की.

तूफान का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा. Tuesday सुबह तक चिबा समेत आसपास के इलाकों में करीब 50 हजार घर बिजली से वंचित थे. बिजली कंपनियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें आपूर्ति बहाल करने के काम में जुटी हुई थीं.

तूफान ने जापान की परिवहन व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया. जापान एयरलाइंस ने 135 उड़ानें रद्द कीं, जबकि ऑल निप्पॉन एयरवेज ने 140 उड़ानें रद्द कीं. इसके अलावा टोक्यो और आसपास के क्षेत्रों में कई रेल सेवाओं को रोकना या सीमित करना पड़ा.

तूफान के कारण टोक्यो में आयोजित दुनिया के प्रमुख वीडियो गेम व्यापार मेलों में शामिल टोक्यो गेम शो का अंतिम दिन भी समय से पहले समाप्त करना पड़ा. कुछ अन्य कार्यक्रम भी रद्द किए गए.

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, तूफान डुजुआन Tuesday सुबह तक जापान से दूर उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ रहा था. इसके कमजोर पड़ने के बाद कई इलाकों में चेतावनी का स्तर कम किया गया, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश के कारण जमीन पहले से ही पानी से भरी हुई है, इसलिए भूस्खलन का खतरा बना हुआ है.

जापान में गर्मियों के अंतिम दौर और शुरुआती शरद ऋतु में शक्तिशाली तूफान आते रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव गतिविधियों के कारण बढ़ रहा वैश्विक तापमान भारी बारिश के खतरे को बढ़ा रहा है, क्योंकि गर्म वातावरण अधिक नमी धारण कर सकता है.

तूफान के जापान से आगे बढ़ जाने के बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी है. अधिकारी लापता लोगों की तलाश, भूस्खलन से प्रभावित इलाकों की जांच और बिजली तथा परिवहन सेवाओं को सामान्य करने में जुटे हैं.

केआर/