
टोक्यो, 5 सितंबर . बुजुर्गों की बढ़ती आबादी से थोड़े फिक्रमंद जापान को 11 साल बाद राहत भरी खबर मिली. ये खुश खबरी जनसंख्या वृद्धि को लेकर थी. इसमें विदेशी मूल के माता-पिता से जन्मे बच्चे भी शामिल बताए गए. इस बीच एक नई स्टडी ने विदेशियों के प्रति बढ़ती नाराजगी की ओर इशारा किया है. जापान में अधिक विदेशी नागरिकों को स्वीकार करने को लेकर लोगों के रुख में बड़ा बदलाव सामने आया है.
टोक्यो विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की ओर से किए गए एक पैनल अध्ययन के अनुसार, इस साल 56.3 फीसदी लोगों ने जापान में अधिक विदेशी निवासियों को स्वीकार करने का विरोध किया. यह आंकड़ा 2024 की तुलना में 20.7 प्रतिशत अंक अधिक है.
क्योडो न्यूज एजेंसी ने बताया कि अध्ययन की खास बात यह है कि विदेशी नागरिकों को स्वीकार करने का विरोध केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा वर्ग में भी इसमें उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों को लगता है कि जापानी समाज के भविष्य के लिए उम्मीद कम है, उनमें अधिक विदेशी नागरिकों को स्वीकार करने का विरोध अपेक्षाकृत ज्यादा है.
टोक्यो विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस के प्रोफेसर शिन अरिता ने कहा कि विदेशी नागरिकों को स्वीकार करने के मुद्दे पर नकारात्मक चर्चाओं की बढ़ती मौजूदगी, सामाजिक चिंता और असंतोष इस बदलाव के पीछे एक कारण हो सकता है. उनके अनुसार, समाज में मौजूद बेचैनी और असुरक्षा की भावना भी लोगों के दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकती है.
यह अध्ययन एक पैनल सर्वेक्षण के तहत किया गया, जिसमें चुने गए लोगों से समय-समय पर उनकी जीवनशैली और सामाजिक सोच में बदलाव को लेकर सवाल पूछे जाते हैं. इस साल करीब 3,800 लोगों के जवाबों को वैध माना गया. विदेशी नागरिकों को स्वीकार करने से जुड़े सवाल सर्वेक्षण में लगभग हर दो साल में शामिल किए जाते हैं.
अध्ययन के मुताबिक, जापान में अधिक विदेशी नागरिकों को स्वीकार करने के पक्ष में रहने वाले लोगों की संख्या घटकर 9.4 फीसदी रह गई. 2024 में यह आंकड़ा इससे 8.4 प्रतिशत अंक अधिक था.
उम्र के आधार पर किए गए विश्लेषण में भी बदलाव स्पष्ट दिखाई दिया. 1966 से 1976 के बीच जन्मे लोगों में अधिक विदेशी नागरिकों को स्वीकार करने के विरोध में 19.4 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई. वहीं, 1987 से 1998 के बीच जन्मे लोगों में यह वृद्धि और अधिक, 24.3 प्रतिशत अंक, रही.
शोधकर्ताओं ने सामाजिक उम्मीद और जीवन स्तर से जुड़े विचारों को भी इस बदलाव से जोड़ा. 2024 के सर्वेक्षण में जो लोग विदेशी निवासियों को स्वीकार करने के विरोध में नहीं थे, उनमें बाद में उन लोगों के रुख में बदलाव की संभावना अधिक रही, जिन्होंने यह नहीं माना कि जापानी समाज में उम्मीद बाकी है या उनकी जिंदगी उनके माता-पिता की पीढ़ी की तुलना में बेहतर हुई है.
जापान में घटती आबादी और श्रमबल की कमी के बीच विदेशी कामगारों और विदेशी निवासियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है. ऐसे में सर्वेक्षण में सामने आया यह बदलता जनमत Government के लिए सामाजिक स्वीकार्यता और आर्थिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को भी रेखांकित करता है.
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केआर/
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