जातिगत आरक्षण के नाम पर गुमराह कर रही सरकार: मनोज झा

Patna, 30 अगस्त . बिहार में आरक्षण, राहुल गांधी की टिप्पणी और नेपाल त्रासदी के बाद बाढ़ की स्थिति को लेकर राजद सांसद मनोज झा ने एनडीए पर निशाना साधा.

आरक्षण के मुद्दे पर राजद सांसद मनोज झा ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों मूल विषय के साथ अन्याय कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “इस विषय को मैं पढ़ाता भी हूं. Prime Minister मोदी ने एक रोहिणी कमीशन बनाया था, ओबीसी में वर्गीकरण के लिए. तब भी हमने कहा था और लिखा था कि जब तक जातिगत जनगणना नहीं होगी, ये वर्गीकरण उसी तरह है कि गाड़ी के आगे घोड़ा रख दो. हकीकत पता होना बहुत आवश्यक है कि कौन कहां है, किसका कितने संसाधन तक पहुंच है, जमीन का स्वामित्व क्या है, शिक्षा में कितनी पैठ है, आर्थिक स्थिति क्या है, नौकरी है या नहीं. क्या हम यह सभी चीज कर पाएं? जातिगत जनगणना तो ऐसे कर रहे हैं कि वह मिसलीडिंग है, वह इसे कर भी रहे हैं और नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उनकी मंशा नहीं है.”

मनोज झा ने आगे कहा, “जब मैं चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की बातचीत देख रहा था तो एक बात स्पष्ट होती है कि दोनों इस तरह के सरोकारों को एक व्यापक पटल पर देखने के इच्छुक नहीं हैं. जहां तक चिराग की बात है, वह बताएं कि मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ जो हुआ, वह किस कारण हुआ. चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों सिर्फ भाजपा के साथ बने रहने के लिए उनकी भाषा बोल रहे हैं.”

वहीं, बिहार में बाढ़ की स्थिति पर राजद सांसद ने कहा कि इस बार असर उतना नहीं रहा जितनी आशंका थी, लेकिन Government की तैयारी में अभी भी कमी है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बिहार में बाढ़ का असर उस स्तर का नहीं रहा, जिसकी हमें आशंका थी—कम से कम तीव्रता और पैमाने के लिहाज से तो नहीं. लेकिन बाढ़ और आपदा प्रबंधन के मामले में मेरी पार्टी का हमेशा से यह मानना रहा है कि इसे सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाला (रिएक्टिव) नहीं, बल्कि पहले से तैयारी करने वाला (प्रोएक्टिव) होना चाहिए, और इस दिशा में अभी भी कमी है.”

बता दें कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद बिहार की नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन अलर्ट पर है.

एससीएच/डीकेपी