
चंडीगढ़, 7 सितंबर . जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने Monday को पंजाब और Haryana हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली. जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को लेकर राज्य Government और केंद्र के बीच बढ़ते टकराव के कारण पंजाब के Chief Minister भगवंत मान इस समारोह में शामिल नहीं हुए.
पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने एक औपचारिक समारोह में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को शपथ दिलाई. इस समारोह में हाईकोर्ट के जज, सीनियर अधिकारी और विधि क्षेत्र के सदस्य शामिल हुए. इनके अलावा Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी और गवर्नर प्रो. असीम कुमार घोष भी मौजूद रहे.
हालांकि, पंजाब के Chief Minister और उनकी पूरी कैबिनेट का समारोह में शामिल न होना चर्चा का विषय बना रहा. ऐसा इसलिए क्योंकि कैबिनेट ने जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए एक प्रस्ताव पास किया था और शपथ ग्रहण समारोह को रोकने की मांग की थी.
पंजाब Government का कहना है कि केंद्र ने राज्य की राय का इंतजार किए बिना ही नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई. पंजाब Government ने President, Prime Minister और गवर्नर से नियुक्ति और शपथ ग्रहण समारोह को टालने का आग्रह किया था. आरोप था कि राज्य Government से सलाह-मशविरा करने की तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.
हालांकि, केंद्र Government ने कहा कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति ‘प्रक्रिया के ज्ञापन’ और जजों की नियुक्ति के संवैधानिक तरीके से होती है और इसके लिए राज्य Government की सहमति जरूरी नहीं है.
India के मुख्य न्यायाधीश (जो उस समय कॉलेजियम के प्रमुख थे) की अध्यक्षता वाले Supreme Court कॉलेजियम ने 6 अगस्त को जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति की सिफारिश की थी.
जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति से एक अजीब Political और संवैधानिक विवाद खड़ा हो गया था क्योंकि पंजाब Government ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के तरीके पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे. नियुक्ति के खिलाफ कैबिनेट के प्रस्ताव के बाद Chief Minister मान ने शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहने का फैसला किया.
मौजूदा चीफ जस्टिस शील नागू के Supreme Court में प्रमोट होने के बाद जस्टिस मिश्रा 2 जून से पंजाब और Haryana हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे थे. उन्हें जुलाई 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से पंजाब और Haryana हाई कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था. इस घटना ने आप की Government और भाजपा की केंद्र Government के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों में एक नया मोड़ ला दिया है.
16 नवंबर 1968 को जन्मे जस्टिस मिश्रा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) किया. इसके अलावा, दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री हासिल की. उन्हें 3 फरवरी 2014 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एडिशनल जज नियुक्त किया गया और 1 फरवरी 2016 को वे परमानेंट जज बने. पंजाब और Haryana हाईकोर्ट में ट्रांसफर होने से पहले उन्होंने 20 जुलाई 2025 तक वहां अपनी सेवाएं दीं.
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ओपी/पीएम
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