जर्मनी के नवनियुक्त राजदूत ने भारत के रक्षा सचिव से की मुलाकात

New Delhi, 8 अक्टूबर . India में जर्मनी के नवनियुक्त राजदूत जैस्पर वीक ने Thursday को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से शिष्टाचार भेंट की. दोनों के बीच India और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग तथा रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई. बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया.

बातचीत में दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाने तथा आपसी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने से जुड़े मुद्दे शामिल रहे.

गौरतलब है कि India और जर्मनी के बीच लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग रहा है. रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ता संपर्क इस व्यापक रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है. रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और राजदूत जैस्पर वीक की मुलाकात में इसी सहयोग को नई गति देने पर विचार-विमर्श किया गया.

India और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं. दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है. भारतीय वायुसेना द्वारा इन दिनों बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति 2026 आयोजित किया जा रहा है. इस अभियान में विभिन्न देशों की वायुसेनाओं की गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं.

Rajasthan के जोधपुर में चल रहे इस अभ्यास में India के साथ जर्मनी की वायुसेना भी हिस्सा ले रही हैं. इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त हवाई अभियानों के जरिए आपसी तालमेल, अनुभव साझा करने और एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर देना है. इससे पहले बीते दिनों India और जर्मनी की वायु सेनाओं के बीच पहली एयर स्टाफ वार्ता भी New Delhi में आयोजित की गई थी. यह वार्ता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव था.

भारतीय वायुसेना के मुताबिक, पहली बार आयोजित इस वार्ता ने दोनों पक्षों को आपसी सैन्य सहयोग को और गहरा करने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाएं तलाशने के लिए महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया.

वार्ता के दौरान सैन्य प्रशिक्षण, ऑपरेशनल स्तर पर आपसी आदान-प्रदान और सैन्य क्षमताओं के विकास से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया. दोनों वायु सेनाओं के बीच नियमित संवाद और पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान से आपसी समझ तथा परिचालन सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाएं बनी थी.

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जीसीबी/डीकेपी