
संयुक्त राष्ट्र, 26 सितंबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की मुलाकात के दौरान India और रूस ने अपनी ‘विशेष और खास रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई. रूस के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी.
Friday को हुई बैठक के बाद रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दोनों पक्षों ने रूस-India की विशेष और खास रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र, जी-20 तथा ब्रिक्स में करीबी तालमेल बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई.”
जयशंकर ने भी ‘एक्स’ पर बैठक के बारे में लिखा कि दोनों नेताओं ने कई मौजूदा मुद्दों पर विचार साझा किए. साथ ही उन्होंने भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों और ब्रिक्स के तहत सहयोग की स्थिति की भी समीक्षा की.
लावरोव इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स समिट के लिए रूसी President व्लादिमीर पुतिन के साथ India आए थे.
अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को दिसंबर में होने वाले जी-20 समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. Prime Minister Narendra Modi के भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने की उम्मीद है.
पिछले महीने के आखिर में किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एसीओ) समिट के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाकात की थी. उस बैठक में पीएम मोदी ने उनसे मानवता के नाम पर यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए मजबूती से कहा था.
इससे पहले Monday को जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से भी मुलाकात की थी.
बैठक के बाद जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा था कि उनकी बातचीत में ‘पिछले कुछ हफ्तों के घटनाक्रम’ पर ध्यान दिया गया. वहीं, सिबिहा ने ज्यादा स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी बातचीत में ‘शांति की कोशिशों’ पर चर्चा हुई.
हालांकि, जयशंकर या रूसी विदेश मंत्रालय में से किसी ने भी लावरोव के साथ बैठक के बारे में जारी जानकारी में यूक्रेन युद्ध का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया. जयशंकर ने सिर्फ इतना कहा कि दोनों नेताओं ने ‘कई मौजूदा मुद्दों’ पर बातचीत की.
India और रूस संस्थापक सदस्यों के तौर पर कई वैश्विक मुद्दों पर अपने रुख में तालमेल करते रहे हैं. इनमें दुनिया की वित्तीय संस्थाओं में सुधार, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और साफ ऊर्जा की ओर बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हैं.
यह बैठक यूएनजीए के दौरान India की तेज कूटनीतिक गतिविधियों को भी दिखाती है. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कई देशों के विदेश मंत्रियों और दूसरे नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं.
इन बैठकों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने और ग्लोबल साउथ की आवाज के तौर पर India की भूमिका को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर ध्यान रहने की उम्मीद है.
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एवाई/एएस
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