
New Delhi, 16 अक्टूबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर अगले सप्ताह 19 और 20 अक्टूबर को Mumbai में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अमेरिका के अपने समकक्षों की मेजबानी करेंगे. इस दौरान भारत-यूएई और भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा के साथ ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. जयशंकर अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने Friday को New Delhi में आयोजित द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 19 और 20 अक्टूबर को यूएई के उप Prime Minister और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान आधिकारिक यात्रा पर Mumbai आएंगे. इस दौरान जयशंकर के साथ उनकी बैठक होगी, जिसमें India और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी.
जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा, व्यापार, निवेश, वित्तीय प्रौद्योगिकी, रक्षा और संपर्क सुविधाओं के क्षेत्रों में जारी पहलों का आकलन करेंगे और उन्हें आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति तथा वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा.
यूएई के विदेश मंत्री की यह यात्रा जयशंकर के हालिया यूएई दौरे के बाद हो रही है. जयशंकर ने 14 से 16 अक्टूबर तक यूएई की आधिकारिक यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने वहां के नेतृत्व के साथ बातचीत की और रईसीना मिडिल ईस्ट कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 20 अक्टूबर को Mumbai में जयशंकर के साथ बातचीत करेंगे. दोनों पक्ष भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा करने के साथ व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे.
जायसवाल के मुताबिक, बातचीत में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों समेत द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे. इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि रुबियो की यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क बनाए रखने और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी.
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रुबियो अगले सप्ताह Mumbai और जामनगर का दौरा करेंगे. इस दौरान वह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात कर भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा करने तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करेंगे. वह कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे, ताकि वाणिज्यिक निवेश और आर्थिक सहयोग के अवसरों को बढ़ावा दिया जा सके.
Mumbai में इन बैठकों के आयोजन के संबंध में पूछे गए सवाल पर जायसवाल ने कहा कि पिछले लगभग एक दशक से विदेशी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी दिल्ली से बाहर करने की परंपरा रही है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Prime Minister ने स्पेन के Prime Minister की मेजबानी वडोदरा में, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की Ahmedabad में और मॉरीशस के Prime Minister की वाराणसी में की थी.
इसके अलावा विदेश मंत्री ने गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक और Gujarat के केवड़िया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री की मेजबानी की थी. उन्होंने अमृतसर में आयोजित हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन का भी उल्लेख किया. जायसवाल ने कहा कि ये उदाहरण दर्शाते हैं कि India में उच्चस्तरीय बैठकों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी केवल राजधानी दिल्ली तक सीमित नहीं रही है.
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डीएससी
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