जम्मू-कश्मीर में स्टेटहुड पर सियासी घमासान, स्वायत्तता की मांग पर भाजपा-एनसी आमने-सामने

श्रीनगर, 25 सितंबर . जम्मू-कश्मीर विधानसभा में Friday को राज्य का दर्जा बहाल करने के साथ स्वायत्तता और सेल्फ रूल के मुद्दे पर चर्चा के दौरान हंगामा देखने को मिला. इस दौरान भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया. मामले को लेकर डिप्टी सीएम सुरिंदर कुमार चौधरी और भाजपा विधायक शगुन परिहार के बीच तीखी बयानबाजी सामने आई.

भाजपा विधायकों के वॉकआउट पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा कि भाजपा की प्रतिक्रिया जम्मू और आम जनता के खिलाफ है. भाजपा के इस रुख से लगता है कि उसे जम्मू-कश्मीर के लोगों से कोई लगाव नहीं है. विधानसभा में उठाए जा रहे मुद्दों को लेकर भाजपा का विरोध जनता के हितों के अनुरूप नहीं है. उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने और जम्मू-कश्मीर के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जरूरत पर जोर दिया.

वहीं, भाजपा विधायक शगुन परिहार ने डिप्टी सीएम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस सेल्फ रूल और ऑटोनॉमी की बात की जा रही है, वह स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने 1990 के दशक की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में दंगे भड़काए गए और कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा. शायद यही वजह है कि भाजपा इस तरह की मांग का विरोध कर रही है.

डिप्टी सीएम सुरिंदर कुमार चौधरी पर निशाना साधते हुए शगुन परिहार ने कहा कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के बिना फीस के वकील की तरह काम कर रहे हैं. जब भी Chief Minister किसी मुद्दे पर घिरते हैं तो डिप्टी सीएम को आगे कर दिया जाता है. उन्हें लगता है कि Chief Minister जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का कोई समाधान नहीं चाहते. अगर केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की बात होती तो बात अलग थी, लेकिन इसके साथ ऑटोनॉमी और सेल्फ रूल की मांग को जोड़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता.

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के दर्जे की बहाली की मांग और स्वायत्तता या सेल्फ रूल की मांग को एक साथ नहीं देखा जाना चाहिए और भाजपा ऐसी मांग का विरोध करती रहेगी.

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