
श्रीनगर, 6 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर के उपChief Minister सुरिंदर चौधरी ने Tuesday को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) की Government के पास सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को बंद करने की कोई नीति नहीं है और घाटे के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा.
उपChief Minister चौधरी ने पीएसयू को बंद करने की किसी भी नीति से इनकार किया और कहा कि Government को इसके बजाय उनके वित्तीय नुकसान के कारणों का पता लगाना चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए.
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पीएसयू जम्मू-कश्मीर की विरासत का हिस्सा हैं और उन्हें सिर्फ इसलिए बंद नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वे वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, “उन्हें क्यों बंद किया जाए? हमें कारणों और वजहों का पता लगाना होगा. पीएसयू घाटे में कैसे गया? जिन अधिकारियों ने इसे घाटे में डाला, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और जिन नेताओं ने इसे घाटे में डाला, उन्हें भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.”
उपChief Minister ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पीएसयू को बंद करने का चलन जारी नहीं रहना चाहिए. उन्होंने ऐसी संस्थाओं को चालू और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के तरीके खोजने की जरूरत पर जोर दिया.
चौधरी ने कहा, “मैं आपके सामने खड़ा हूं, उमर अब्दुल्ला की किसी भी पीएसयू को बंद करने की कोई नीति नहीं है. कुछ मामलों की जांच करने और यह पता लगाने के लिए कमेटियां भी बनाई गई हैं कि क्या संबंधित संस्थाओं को फिर से शुरू किया जा सकता है.”
उन्होंने सीएजी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि Government कोई भी फैसला लेने से पहले उसकी रिपोर्ट की जांच करेगी. इस पर चर्चा होगी, बहस होगी. उसके बाद, हम किसी नतीजे पर पहुंचेंगे.
28,400 करोड़ रुपए के इंडस्ट्रियल पैकेज और इसके लागू होने को लेकर उद्योगपतियों की चिंताओं पर चौधरी ने कहा कि Government एक नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी ला रही है, जो अंतिम चरण में है. नई नीति में पिछली इंडस्ट्रियल पॉलिसी की रुकावटों, कथित भेदभाव और कमियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों को इसका पूरा फायदा मिले.
उन्होंने कहा, “उद्योग विभाग ने Chief Minister के निर्देश पर बहुत मेहनत की है. नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी अंतिम चरण में है और आपके सामने आएगी. अतीत में जो भी कमियां रही हैं, उन्हें नई पॉलिसी के तहत नहीं दोहराया जाएगा.”
चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट को लेकर चल रहे विवाद से जुड़े सवालों पर उपChief Minister ने कहा कि यह मामला Supreme Court के सामने है और इसका नतीजा ही सच्चाई सामने लाएगा. चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़ा कोई भी मुद्दा लोकतंत्र के लिए अहम है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान के लिए कुर्बानियां दी हैं.
उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली Government के कामकाज पर विपक्ष की आलोचना और इस आरोप पर कि चुनावी घोषणा-पत्र का बहुत कम हिस्सा ही पूरा किया गया है, चौधरी ने भाजपा और पीडीपी को जवाब दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें पहले हाल ही में हुए विधानसभा सत्र के दौरान अपने कामकाज का हिसाब देना चाहिए.
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एससीएच/एबीएम
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