जमीन मुआवजा घोटाले मामले में ईडी ने पंजाब विधायक के ठिकानों की तलाशी ली

चंडीगढ़, 6 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने पंजाब के मोगा निर्वाचन क्षेत्र की विधायक और चिकित्सक अमनदीप कौर अरोड़ा, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के सात ठिकानों पर तलाशी ली. यह कार्रवाई एक ऐसे मामले के संबंध में की गई है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे का गलत तरीके से भुगतान किया गया था.

एक अधिकारी ने Friday को बताया कि ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने 4 नवंबर को ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया.

तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सबूत मिले, जिनसे पता चलता है कि विधायक और उनके सहयोगियों ने बेनामी संपत्तियां हासिल की थीं.

ईडी ने कहा कि बरामद की गई चीजों की जांच चल रही है. बयान के अनुसार, जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उनमें अरोड़ा से जुड़ा एक अस्पताल और नशा मुक्ति केंद्र भी शामिल है.

ईडी ने यह जांच पंजाब के मोगा जिले के धर्मकोट Police स्टेशन में दर्ज एक First Information Report के आधार पर शुरू की थी. यह First Information Report आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत पटवारी नवदीप सिंह, दिलखुश कुमारी और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी.

ईडी के मुताबिक, यह First Information Report मोगा जिले के अधरमन गांव में सरकारी जमीन के रेवेन्यू रिकॉर्ड में हेराफेरी से जुड़ी है. इसके कारण नेशनल हाईवे नंबर 754ए के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का मुआवजा गलत तरीके से बांट दिया गया.

ईडी ने बताया कि पंजाब Police ने भी नवदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. ईडी की जांच में पता चला कि मुआवजे की रकम दिलखुश कुमारी के बैंक खाते में जमा की गई थी, जिसे बाद में बैंक ने फ्रीज कर दिया. बयान में कहा गया है कि जांच से यह भी पता चला है कि विधायक, उनके पति और अन्य सहयोगियों ने मिलकर मुआवजे की इस रकम को इधर-उधर करने और हड़पने में मदद की थी.

ईडी की जांच में कई सरकारी , नगर निगम और चैरिटेबल संपत्तियों को धोखाधड़ी से हासिल करने और ट्रांसफर करने का खुलासा हुआ है. इनमें जीरा रोड पर केंद्र Government की 13 मरला जमीन, सिविल लाइंस में पंजाब Government की 7 मरला जमीन, रेलवे रोड पर मार्केट कमेटी की 6 मरला जमीन, मोगा महला सिंह-3 में नगर निगम की 3 कनाल 16 मरला जमीन, और ‘यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्दर्न इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन’ की 52 मरला 8 सरसाही जमीन शामिल है.

ईडी ने बताया कि इन संपत्तियों को राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर करके और संपत्ति के दस्तावेजों को तैयार करके, विधायक के रिश्तेदारों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के पक्ष में हासिल किया गया या हस्तांतरित किया गया.

आगे की जांच से पता चला है कि संपत्तियों के इस तरह के धोखाधड़ीपूर्ण अधिग्रहण और हस्तांतरण के जरिए अपराध से प्राप्त रकम जुटाई गई थी. ईडी ने कहा कि जांच में मोगा में एक आवासीय संपत्ति के अधिग्रहण को लेकर भी आरोप सामने आए हैं, जिसमें संदिग्ध रूप से बिना हिसाब-किताब वाली नगदी का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है.

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डीके/