
जमशेदपुर, 13 अक्टूबर . जमशेदपुर के बिष्टुपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच Monday को हुई भिड़ंत के बाद Political बयानबाजी तेज हो गई है. Jharkhand विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने Tuesday को जमशेदपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह Political विरोध का जवाब देने के बजाय टकराव का रास्ता अपना रही है.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि Political मतभेदों के बीच हिंसा और पथराव किसी भी सूरत में उचित नहीं है. साकची स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में मरांडी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ विरोध जताने पहुंचे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर पथराव किया गया. मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में हर Political दल को अपनी बात रखने, सवाल पूछने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध का तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मरांडी ने तीखी टिप्पणी भी की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कॉकरोच एक ही हैं, दोनों अंधेरे में पनपते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस Political सवालों का सामना करने के बजाय टकराव की स्थिति पैदा कर रही है. मरांडी ने नवरात्र का उल्लेख करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सभी Political दलों की जिम्मेदारी है. उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर आरोप लगाया कि उनकी राजनीति से सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि Political विरोध तथ्यों और जनहित के मुद्दों के आधार पर होना चाहिए, न कि हिंसा के जरिए.
प्रेस वार्ता में मरांडी ने राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने का आरोप लगाया और उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकाले जाने पर सवाल उठाए. उनके अनुसार, Political दलों को न्यायपालिका सहित संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता का सम्मान करना चाहिए.
मरांडी ने Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र Government के कामकाज की सराहना करते हुए अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने और माओवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को Government की उपलब्धियां बताया.
–
एसएनसी/डीकेपी
Skip to content