
New Delhi, 28 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने Prime Minister जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के 12 वर्ष पूरे होने पर इसकी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए Friday को कहा कि इस योजना ने देश में वित्तीय समावेशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है.
Prime Minister Narendra Modi ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर मायगव इंडिया की एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि जन धन योजना का प्रभाव अभूतपूर्व रहा है और इसने करोड़ों लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
Prime Minister ने एक्स पर लिखा, “अभूतपूर्व पैमाने और परिवर्तनकारी परिणाम! जन धन योजना का अभूतपूर्व प्रभाव पड़ा है. #12ईयर्सऑफजनधन”
वहीं, मायगव इंडिया ने अपने पोस्ट में बताया कि एक समय ऐसा था जब बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच व्यक्ति के रहने के स्थान, आर्थिक स्थिति या बैंक से दूरी पर निर्भर करती थी. आज जन धन योजना की बदौलत देश की बैंकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है और बैंकिंग सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं.
इससे पहले वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि Prime Minister Narendra Modi ने 28 अगस्त 2014 को अपने शुरुआती प्रमुख कार्यक्रमों में से एक के रूप में ‘Prime Minister जन धन योजना’ की शुरुआत की थी. पिछले 12 वर्षों में इस योजना ने India के वित्तीय परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है और यह वैश्विक स्तर पर वित्तीय समावेशन का एक सफल मॉडल बनकर उभरी है.
मंत्रालय ने कहा कि जन धन योजना आज दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल है, जिसने करोड़ों लोगों को पहली बार बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा और उन्हें औपचारिक वित्तीय प्रणाली का हिस्सा बनाया.
Government ने बताया कि Prime Minister जन धन योजना के तहत अब तक 59.09 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं. इन खातों में कुल जमा राशि 3.17 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी है, जो योजना की व्यापक स्वीकार्यता और सफलता को दर्शाती है.
योजना की एक बड़ी उपलब्धि यह भी है कि इसके 56 प्रतिशत खाताधारक महिलाएं हैं, जबकि 78 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं. इससे स्पष्ट है कि योजना का सबसे अधिक लाभ उन वर्गों तक पहुंचा है, जो पहले औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से दूर थे.
बयान में आगे कहा गया है कि जन धन योजना के तहत खाताधारकों को मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड उपलब्ध कराया जाता है. अब तक 41 करोड़ से अधिक रुपे कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है और वित्तीय सुरक्षा भी मजबूत हुई है.
प्रत्येक खाताधारक को रुपे कार्ड के साथ 2 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जो आर्थिक आपात स्थितियों में सहायता प्रदान करती है.
वित्त मंत्रालय के अनुसार, जन धन योजना का उद्देश्य केवल बैंक खाते खोलना नहीं था, बल्कि समाज के गरीब, वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना भी था.
योजना के माध्यम से लाखों लोगों को Prime Minister जीवन ज्योति बीमा योजना और Prime Minister सुरक्षा बीमा योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा गया है. इससे असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को जीवन एवं दुर्घटना बीमा का लाभ मिल रहा है.
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डीबीपी
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