
अयोध्या, 6 नवंबर . Samajwadi Party के सांसद अवधेश प्रसाद ने 15 नवंबर की जनसम्मेलन रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें संविधान, वोट के अधिकार और देश को बचाने का संकल्प लिया जाएगा. उन्होंने भाजपा पर वोट का अधिकार खत्म करने का आरोप लगाया और कहा कि सपा Government आने पर अग्निवीर व्यवस्था को 24 घंटे के अंदर खत्म कर पुरानी भर्ती व्यवस्था बहाल की जाएगी.
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “15 नवंबर की जनसम्मेलन रैली ऐतिहासिक होगी, उसका दूरगामी प्रभाव भी होगा. सभी संकल्प करेंगे कि हम बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान को बचाएंगे, हम हिंदुस्तान को बचाएंगे, हम देश को बचाएंगे और देश में अमन-चैन कायम करेंगे.”
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने वोट का अधिकार दिया है. इससे कीमती दौलत और कोई नहीं हो सकती. इस देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, गरीबों और सभी नागरिकों को यह अधिकार मिला है. भारतीय जनता पार्टी इस अधिकार को खत्म करना चाहती है. वोट के अधिकार को खत्म करना चाहती है. हम संकल्प करेंगे कि हम इस वोट को बचाएंगे, संविधान को बचाएंगे और देश को बचाएंगे. देश में पूरी तरह से ऐसा हिंदुस्तान बनाएंगे, जो शहीदों का सपना था, उसे साकार करेंगे.
अग्निवीर मामले में Government के फैसले को लेकर सपा सांसद ने कहा कि अभी तक तो अग्निवीर के लिए चार साल थे. मान लीजिए कोई अवधि दो साल और बढ़ा दी जाए. मान लीजिए 20 साल की उम्र में आपका बेटा सेना में भर्ती होता है और 26 साल की उम्र में वापस आ जाता है तो उसके बाद वह क्या करेगा? यह सेना का सम्मान नहीं है.
उन्होंने कहा कि हम सम्मानित देशवासियों के सामने आज दीपावली के अवसर पर यह कह रहे हैं कि हमारी Government आएगी, निश्चित रूप से आएगी, तो अग्निवीर जैसी व्यवस्था को 24 घंटे के अंदर खत्म किया जाएगा. सेना में नौजवानों की भर्ती पहले की तरह की जाएगी, जिसमें शुरुआती सेवा अवधि की कोई सीमा नहीं होती थी, केवल सेवानिवृत्ति की आयु निर्धारित होती थी. उसी तरह की व्यवस्था की जाएगी.
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि हमारी सेना गौरव की प्रतीक है. दुनिया के लोग हमारे देश की सेना का लोहा मानते हैं. हम सेना का सम्मान करते हैं, उनकी वीरता को सलाम करते हैं और Government आने पर उनके सम्मान को और बढ़ाने का काम करेंगे.
इरफान अंसारी के बयान पर उन्होंने कहा कि नहीं, हमें सच्ची बात सोचनी चाहिए. हमेशा अच्छे के लिए सोचना चाहिए. जब भी हमारे देश पर किसी प्रकार का संकट आया है, किसी प्रकार की परेशानियां और दुश्वारियां आई हैं, तब हमारे सम्मानित देशवासियों ने एकमत होकर एक झंडे के नीचे एकता का परिचय दिया है. हमारा अनेकता में एकता का सूत्र मजबूत है और मजबूत रहेगा. किसी प्रकार की ऐसी संभावना को मैं स्वीकार नहीं कर सकता.
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