जनप्रतिनिधियों के नाम मतदाता सूची से गायब होने पर अबू आजमी का हमला, कहा- दुनिया हंसेगी

Mumbai , 21 सितंबर . Maharashtra Samajwadi Party के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने एसआईआर के तहत मतदाता सूची में नामों से जुड़ीगड़बड़ियों, हिंदू राष्ट्र की मांग और टीपू सुल्तान को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर किसी सांसद या विधायक तक का नाम मतदाता सूची में नहीं आता है और उसे नोटिस दिया जाता है, तो पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं.

अबू आजमी ने कहा, “किसी सांसद या विधायक का एसआईआर में नाम न आए तो सिस्टम पर हंसी आती है. एसआईआर के तहत उन्हें नोटिस दिया जा रहा है और उनका नाम काटा जा रहा है. ये देश में क्या हो रहा है? मजाक चल रहा है. इस पर दुनिया के लोग हंसेंगे.”

हिंदू राष्ट्र की मांग पर अबू आजमी ने कहा कि India एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं. उन्होंने कहा कि संविधान के खिलाफ किसी भी तरह की मांग नहीं की जानी चाहिए. आजमी ने सिमी का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस पर देश को शरीयत के आधार पर चलाने और मुस्लिम देश बनाने जैसी बातें कहने के आरोप लगे थे, जिसके बाद संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया. उन्होंने कहा कि उसी तरह अगर कोई खुलेआम India को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करता है, तो ऐसी मांगों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि संविधान में सभी नागरिकों को बराबर अधिकार दिए गए हैं और किसी का अधिकार छीनना संविधान के खिलाफ है.

अबू आजमी ने महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान को मानने वाले लोगों को ऐसी मांगों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश की पहचान उसकी विविधता और सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की संवैधानिक व्यवस्था से है.

टीपू सुल्तान को लेकर जारी विवाद पर भी अबू आजमी ने अपनी बात रखी. उन्होंने टीपू सुल्तान को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाला शासक बताते हुए कहा कि उनकी विरासत को मिटाया नहीं जा सकता. टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस मामले में हाई कोर्ट फैसला करेगा और उसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.

अबू आजमी ने कहा कि टीपू सुल्तान को लेकर अलग-अलग Political विचार हो सकते हैं, लेकिन इस विषय पर अंतिम निर्णय कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर दोबारा सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में जनप्रतिनिधियों के नाम को लेकर भी अगर समस्याएं सामने आ रही हैं तो व्यवस्था को इसे गंभीरता से देखना चाहिए.

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