
तेहरान, 19 अक्टूबर . ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि फ्रांस की जनता बड़े स्तर पर बदलाव चाहती है. President इमैनुएल मैक्रों ने खुद ही यह स्थिति पैदा की है. अराघची ने कहा कि ईरानियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का स्वागत करने वाले President को अब फ्रांस के भविष्य की आवाज सुननी पड़ेंगी.
अराघची ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, ”मैक्रों ने खुद ही यह स्थिति पैदा की थी, जब उन्होंने अमेरिकी President को भरोसा दिलाया कि उन्हें ईरानियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर कोई आपत्ति नहीं है. अब उस युद्ध के लिए दूसरों को दोष देने में बहुत देर हो चुकी है, जिसे उनके जैसे लोगों ने पैदा करने में मदद की थी. फ्रांस की जनता बड़े स्तर पर बदलाव चाहती है, जिसमें शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और अपनी बात रखने की आजादी भी शामिल है. मिस्टर President, फ्रांस के भविष्य की आवाज को सुनिए.”
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का यह बयान उस समय आया है जब फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन, हिंसा और झड़पों से माहौल गरमाया हुआ है. फ्रांस में महंगाई, ईंधन की कीमतें, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है.
Saturday को पूरे फ्रांस में करीब साढ़े पांच लाख लोग प्रदर्शनों में शामिल हुए. कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए. फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, इन घटनाओं के दौरान 2,397 लोगों को गिरफ्तार किया गया. हिंसा में 997 Policeकर्मी और सुरक्षा बल के सदस्य घायल हुए, जिनमें से सात की हालत गंभीर बताई गई है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इन प्रदर्शनों में किसान, जलवायु कार्यकर्ता, ट्रेड यूनियन सदस्य और छात्र शामिल थे. प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की कीमतों, बढ़ती महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए. इन प्रदर्शनों के पीछे महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों की चिंता भी एक बड़ा कारण है.
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि Government लोगों की क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) बढ़ाने और आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.
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एवाई/एएस
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