जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने जमुई की घटना को एक अलग-थलग मामला बताया

Patna, 21 सितंबर . बिहार के जमुई जिले में दो नाबालिग छात्रों (जिनमें एक लड़की भी शामिल है) के साथ कथित उत्पीड़न की घटना ने Political विवाद खड़ा कर दिया है. विपक्ष ने Government पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है, जबकि सत्ताधारी जदयू ने प्रशासन की कार्रवाई का बचाव किया है.

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस घटना को एक अलग-थलग मामला बताया और कहा कि Government ऐसे मामलों को लेकर संवेदनशील है. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है.

कुशवाहा ने कहा कि जब ऐसी अलग-थलग घटनाएं होती हैं, तो हम उन्हें लेकर संवेदनशील होते हैं. लेकिन 2005 से पहले के समय को देखिए, तब बिहार कैसा था? क्या कोई अपने घरों से बाहर भी निकलता था? आज, कम से कम जब कोई घटना होती है, तो प्रशासन कार्रवाई करता है. जिन लोगों ने अपराध किया है, चाहे वे कितने भी बड़े क्यों न हों, वे जल्द ही Police की हिरासत में होंगे.

Union Minister राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने भी बिहार Police का बचाव किया. उन्होंने अतीत की तुलना करते हुए कहा कि आज बिहार में कानून-व्यवस्था सुरक्षित है. सिंह ने कहा कि उस समय महिलाएं सूरज ढलने के बाद घर से बाहर निकलने से डरती थीं, जबकि आज वे आधी रात, 1 बजे, 2 बजे और सुबह 4 बजे भी बाहर निकलती हैं.

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने Government पर तीखा हमला किया. राजद के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया कि कानून के शासन को कमजोर किया जा रहा है और उन्होंने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा करने की Government की क्षमता पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि बिहार Police और बिहार Government कहां हैं? साथ ही दावा किया कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है.

बिहार Police के एडीजी (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि अब तक तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से दो की उम्र 17 से 18 साल के बीच बताई जा रही है. अनुपम ने कहा कि जमुई Police स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धाराओं 128, 74 और 75 के तहत First Information Report दर्ज की गई है, साथ ही बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं 8 और 12 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई के एलडीपीओ कर रहे हैं. Police ने लगभग सात से आठ युवकों की पहचान की है जिनकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है, साथ ही उनके आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया जा रहा है.

Police की साइबर टीम ने social media पर वीडियो को और फैलने से रोकने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है. एडीजी अनुपम के अनुसार, Police ने 32 social media अकाउंट्स को हटाने की कार्रवाई शुरू की है, जिनमें 13 फेसबुक अकाउंट, 12 इस्टाग्राम अकाउंट और एक्स पर सात अकाउंट शामिल हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि नाबालिग पीड़ित की पहचान या चेहरा उजागर करने वाली सामग्री फैलाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है और लोगों से अपील की कि वे वीडियो को शेयर या रीपोस्ट न करें.

अनुपम के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर को शाम 6:25 बजे से 6:30 बजे के बीच जमुई-लखीसराय मुख्य सड़क से लगभग तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में हुई. Police यह पता लगाने के लिए उस जगह और उसके आसपास गश्त की व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी कि क्या Policeिंग में कोई चूक हुई थी.

एमएस/