जज को प्रभावित करने की कोशिश मामले में सुकेश की अर्जी पर दिल्ली पुलिस ने उठाए सवाल, 3 नवंबर को होगी सुनवाई

New Delhi, 31 अगस्त . भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में Monday को सुनवाई हुई. अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर की ओर से दायर अर्जी की मेंटेनेबिलिटी पर नोटिस जारी किया है. मामले में सुकेश पर आरोप है कि उसने खुद को Supreme Court का जज बताकर निचली अदालत के जज को प्रभावित करने की कोशिश की थी.

इस मामले में निचली अदालत पहले ही सुकेश को सजा सुना चुकी है. ऐसे में दिल्ली Police ने उसकी अर्जी पर सवाल उठाया है. हाईकोर्ट इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 3 नवंबर को करेगा.

यह मामला साल 2017 का है. उस समय सुकेश चंद्रशेखर एक भ्रष्टाचार के मामले में Police हिरासत में था. इसी दौरान उसने एक Policeकर्मी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई कर रही विशेष जज पूनम चौधरी को फोन किया था.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, फोन करने वाले व्यक्ति ने पहले खुद को Supreme Court के एक जज का निजी सचिव बताया. इसके बाद एक दूसरे व्यक्ति ने खुद को Supreme Court का जज बताते हुए जज पूनम चौधरी पर सुकेश को जमानत देने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की. फोन करने वाले ने उन्हें एक नंबर भी दिया और उस पर संपर्क करने को कहा.

हालांकि जज पूनम चौधरी इस दबाव में नहीं आईं. उन्होंने दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बजाय Supreme Court के संबंधित जज के कार्यालय से मामले की जानकारी ली. वहां से उन्हें पता चला कि संबंधित जज ने ऐसा कोई फोन नहीं किया और जिस व्यक्ति को उनका निजी सचिव बताया गया था, वह भी उनके कार्यालय में काम नहीं करता. इसके बाद पूरे मामले की शिकायत की गई और Police जांच शुरू हुई.

जांच के बाद सुकेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया. मामले में सुनवाई आगे बढ़ी और अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह पेश किए गए. जज पूनम चौधरी ने भी अदालत के सामने अपनी गवाही दी और बताया कि किस तरह उन्हें फोन करके सुकेश को जमानत देने के लिए प्रभावित करने की कोशिश की गई थी. बाद में निचली अदालत ने सुकेश को इस मामले में दोषी ठहराया और उसे 8 साल की सजा सुनाई.

सुकेश चंद्रशेखर ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसमें उसे Supreme Court के फर्जी जज बनकर न्यायिक अधिकारी को प्रभावित करने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया गया था. लेकिन हाई कोर्ट में पहुंचते ही उसकी याचिका के सामने एक कानूनी सवाल खड़ा हो गया. दिल्ली Police ने कहा कि जब निचली अदालत इस मामले में फैसला सुना चुकी है और सजा भी हो चुकी है तो ऐसे में सुकेश के लिए अर्जी दाखिल करने के बजाय अपील दायर करना सही रास्ता होगा.

हाई कोर्ट ने फिलहाल इस सवाल पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है. अदालत ने अर्जी की मेंटेनेबिलिटी के मुद्दे पर नोटिस जारी किया है और मामले की आगे की सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तारीख तय की है.

पीके/