
ताडेपल्ली, 5 नवंबर . आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की टीडीपी नीत गठबंधन Government पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है.
जगन मोहन रेड्डी ने Thursday को मीडिया से बातचीत में कहा कि नामांकन दाखिल करने से लेकर मतगणना तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पर चंद्रबाबू नायडू Government का नियंत्रण रहा.
उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन की जीत वास्तव में नैतिक हार है, जबकि विपक्ष ने जनता का भरोसा और समर्थन हासिल किया है, भले ही जनादेश को प्रभावित किया गया हो.
जगन ने कहा, “नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना, हर चरण में लोकतंत्र का मजाक बनाया गया. ऐसे चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं कहा जा सकता.”
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला परिषद और मंडल परिषद चुनावों में भी वही हुआ जो नगर निकाय चुनावों में देखने को मिला. विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए Police और सत्तारूढ़ दल के समर्थकों का इस्तेमाल किया गया.
जगन के अनुसार, इसके बाद नामांकन पत्रों को खारिज किया गया, विपक्षी पोलिंग एजेंटों पर हमले हुए और बड़े पैमाने पर धांधली की गई.
उन्होंने कहा, “ऐसे चुनाव लोकतंत्र के चेहरे पर एक दाग हैं. राज्यभर में स्थानीय निकाय चुनावों में गलत तरीकों का इस्तेमाल किया गया. मतदाताओं को मतदान करने से रोका गया और Police ने टीडीपी कार्यकर्ताओं की तरह काम किया.”
पूर्व Chief Minister ने आरोप लगाया कि Supreme Court के निर्देशों के बावजूद गठबंधन Government के कामकाज में कोई बदलाव नहीं आया है. उन्होंने दावा किया कि वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों पर पेट्रोल बम से भी हमले किए गए.
स्थानीय निकाय और नगर निकाय चुनावों के दौरान हुई हिंसा के वीडियो दिखाते हुए जगन ने सवाल किया कि लोग चंद्रबाबू नायडू को वोट क्यों दें, जबकि उन्होंने महिलाओं, किसानों और युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों से किए गए वादे पूरे नहीं किए.
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनावों में मतदान प्रतिशत और वोटों के आंकड़ों में भी फेरबदल किया गया. उनके मुताबिक, मतगणना के दौरान मतदान के आंकड़े बढ़ाकर दिखाए गए, जो मतदान के बाद जारी आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा थे.
जगन ने कहा, “चंद्रबाबू नायडू ने मेडिकल कॉलेजों और बंदरगाहों को निजी हाथों में सौंपकर आंध्र प्रदेश को बेचने का काम किया है. वहीं, दो चक्रवातों से हुई तबाही के बावजूद आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया.”
उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव कराए गए, वह चुनाव सुधारों के लिए एक अध्ययन का विषय बन सकता है क्योंकि इसमें अनियमितताओं के पर्याप्त उदाहरण मौजूद हैं.
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने कहा कि उनके शासनकाल में राज्य को ‘सेफ आंध्रा’ कहा जाता था, लेकिन अब लोग ‘सेव आंध्रा’ की बात कर रहे हैं क्योंकि वे मौजूदा Government से परेशान हैं.
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एएमटी/डीकेपी
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