
New Delhi, 22 अक्टूबर . India व ऑस्ट्रेलिया की सेना के जवान अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ के तहत जंगलों, द्वीपीय क्षेत्रों और समुद्री तटों पर मिलकर सैन्य प्रशिक्षण कर रहे हैं. इस दौरान सैनिक युद्धक तैराकी, रस्सी के सहारे तेजी से नीचे उतरने, घात लगाकर हमला करने और ड्रोन संचालन जैसी गतिविधियों का अभ्यास कर रहे हैं. केरल के तिरुवनंतपुरम में चल रहा यह युद्धाभ्यास 1 नवंबर तक जारी रहेगा. इसमें भारतीय सेना के 120 व ऑस्ट्रेलियाई सेना के भी 120 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं.
सेना ने Thursday को बताया कि इसके साथ ही जवानों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण भी जारी है. इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में सैनिकों की युद्धक क्षमता को मजबूत करना है. साथ ही किसी अभियान के दौरान मिलकर काम करने की दक्षता को बढ़ाना है. जंगल, द्वीप और तटीय इलाकों में किए जा रहे अभ्यास से सैनिकों को विभिन्न परिस्थितियों में सैन्य कार्रवाई के तरीकों का अभ्यास करने का अवसर मिल रहा है. प्रशिक्षण के दौरान युद्धक तैराकी के जरिए पानी में सैन्य गतिविधियों को अंजाम देने का अभ्यास किया जा रहा है.
वहीं, स्थिर रस्सी के सहारे नीचे उतरने के अभ्यास से सैनिकों को निर्धारित स्थान पर तेजी से पहुंचने का प्रशिक्षण मिलता है. घात लगाने से जुड़े अभ्यास में सैनिक रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करने की तैयारी करते हैं, जबकि ड्रोन संचालन के जरिए आधुनिक सैन्य तकनीक के इस्तेमाल पर ध्यान दिया जा रहा है. अभ्यास में शारीरिक प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण हिस्सा है.
इसका उद्देश्य सैनिकों की सहनशक्ति और शारीरिक तैयारी को मजबूत बनाए रखना है, ताकि वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें. अभ्यास ऑस्ट्राहिंद 2026 भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं के बीच सामरिक दक्षता, युद्ध की तैयारी और आपसी तालमेल बढ़ाने में मदद कर रहा है. इसके साथ ही दोनों देशों के सैनिकों के बीच विश्वास मजबूत करने और भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है.
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता बढ़ाना है. इसके तहत दोनों देशों के सैनिक संयुक्त योजना बनाने, सामरिक गतिविधियों और युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभियान चलाने का अभ्यास कर रहे हैं. प्रशिक्षण में हवाई और समुद्री आयामों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि सैनिक अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर तालमेल के साथ काम कर सकें.
इस अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी में गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों के साथ अन्य सैन्य शाखाओं और सेवाओं के कर्मी भी शामिल हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलियाई सेना की ओर से 13वीं ब्रिगेड के सैनिक इसमें भाग ले रहे हैं.
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जीसीबी/डीकेपी
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