
New Delhi, 28 अगस्त . लौंग भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाला ऐसा मसाला है, जो भले ही साइज में छोटा दिखे, लेकिन इसमें कई तरह के प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं. चाय से लेकर सब्जी तक, लौंग का इस्तेमाल स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. सर्दी-जुकाम या दांत में दर्द होने पर भी लोग अक्सर लौंग का इस्तेमाल करते हैं.
वैज्ञानिक रिसर्च की मानें, तो इसमें मौजूद कई ऐसे तत्व है, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. खासतौर पर इसमें मौजूद यूजेनॉल, फ्लेवोनॉयड्स और दूसरे पौधों से मिलने वाले रसायन इसके खास गुण हैं.
लौंग का सबसे ज्यादा फायदा दांत के दर्द में माना जाता है. लौंग में मौजूद यूजेनॉल दर्द को कुछ समय के लिए कम करने में मदद करता है. यही वजह है कि दांतों के इलाज में भी यूजेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है. अगर कभी हल्का दांत दर्द हो तो लोग लौंग को दांत के पास रखने का घरेलू तरीका अपनाते हैं. इससे कुछ समय के लिए आराम मिलता है. लेकिन अगर दर्द ज्यादा है, मसूड़ों में सूजन है या दांत में इन्फेक्शन है, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है.
लौंग मुंह की सफाई के लिए भी फायदेमंद होती है. इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो कुछ तरह के बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं. खाना खाने के बाद एक लौंग चबाने से मुंह में ताजगी बनी रहती है. हालांकि, लौंग चबाना ब्रश करने या दांतों की सही सफाई का विकल्प नहीं है.
लौंग में एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं. दरअसल, हमारे शरीर में कुछ ऐसे कण बनते हैं जो ज्यादा होने पर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं. एंटीऑक्सीडेंट इनसे शरीर को बचाने में मदद करते हैं. लौंग में मौजूद यूजेनॉल और दूसरे प्राकृतिक तत्व इस काम में मदद करते हैं. इसी कारण लौंग को शरीर के लिए फायदेमंद मसालों में गिना जाता है.
लौंग में सूजन कम करने वाले गुण भी पाए गए हैं. शरीर में चोट या किसी परेशानी के कारण सूजन होना आम बात है. रिसर्च में लौंग के कुछ तत्वों ने ऐसी प्रक्रियाओं को कम करने की क्षमता दिखाई है, जिनकी वजह से शरीर में सूजन होती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि किसी बीमारी या ज्यादा सूजन का इलाज सिर्फ लौंग से किया जा सकता है. इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है.
लौंग और ब्लड शुगर को लेकर भी वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है. एक रिसर्च में 13 स्वस्थ और प्री-डायबिटिक लोगों को 30 दिनों तक रोजाना 250 मिलीग्राम पानी में घुलने वाला लौंग का पॉलीफेनॉल एक्सट्रैक्ट दिया गया. रिसर्च में खाने से पहले और खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज में कमी देखने को मिली. लेकिन यह स्टडी बहुत छोटी थी और इसमें लौंग को खाने की जगह एक खास एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल किया गया था. इसलिए इसे डायबिटीज की दवा या इलाज नहीं माना जा सकता.
लौंग में कुछ ऐसे गुण भी पाए गए हैं जो बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने में मदद करते हैं.
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पीके/एएस
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