
रायपुर, 25 अगस्त . छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) का पहला संस्करण 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा. इस फ्रेंचाइजी-आधारित लीग में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटंस शामिल हैं.
भारतीय हॉकी के दिग्गज और ओलंपिक पदक विजेता गुरजंत सिंह, शमशेर सिंह और सुरेंद्र कुमार को पहले सीजन के लिए ‘मार्की प्लेयर्स’ में शामिल किया गया है. जसकरण सिंह और देवेंद्र वाल्मीकि समेत भारतीय टीम के अन्य प्रमुख खिलाड़ी भी इस लीग का हिस्सा होंगे.
यह लीग राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेली जाएगी, जिसमें शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. सेमीफाइनल नॉकआउट मुकाबलों के तौर पर खेले जाएंगे, जबकि खिताबी मैच 1 नवंबर को होगा. फाइनल के दिन महिला टीमों के बीच एक प्रदर्शनी मैच भी आयोजित करने की योजना है.
Tuesday को एक कार्यक्रम में लीग में हिस्सा लेने जा रही 6 टीमों के आधिकारिक लोगो, मैस्कॉट और पहचान का अनावरण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के उपChief Minister और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव के साथ-साथ विभाग और हॉकी छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.
इस मौके पर साव ने कहा, “खेलों के मामले में छत्तीसगढ़ में एथलीट्स का आधार बहुत मजबूत है. आधिकारिक राज्य हॉकी लीग शुरू करने वाला पहला राज्य बनना सम्मान की बात है. यह राष्ट्रीय खेल के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में की गई कोशिशों का सबूत है. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग एक बहुत ही महत्वपूर्ण शुरुआत है, जो भारतीय हॉकी के इतिहास में एक बेहद शानदार अध्याय साबित हो सकती है. मुख्य उद्देश्य हमेशा राज्य के एथलीट्स को राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का मौका देना रहा है. हमें यकीन है कि सीएचएल इस दिशा में एक सही कदम है.”
लीग की विजुअल पहचान में छत्तीसगढ़ के नक्शे के साथ एक स्टाइलिश हॉकी खिलाड़ी को दिखाया गया है, जो राज्य के गौरव और खेल के साथ उसके जुड़ाव को दर्शाता है. केसरिया और हरे रंग भारतीय पहचान को दिखाते हैं, जबकि नारंगी रंग की लकीर ऊर्जा, गति और महत्वाकांक्षा का प्रतीक है.
लीग के आधिकारिक मैस्कॉट ‘बाघवा’ (एक बाघ) का भी अनावरण किया गया. यह मैस्कॉट साहस, ताकत और मजबूती का प्रतीक है और छत्तीसगढ़ के जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत से प्रेरणा लेता है. लीग की टैगलाइन ‘चलो रे संगी, हॉकी खेलबो’ राज्य की खेल पहचान और हॉकी के प्रति जुनून को दर्शाती है.
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आरएसजी
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