छत्तीसगढ़: मरे हुए भालू के नाखून चुराने के आरोप में दो लोग गिरफ्तार

रायपुर, 4 सितंबर . छत्तीसगढ़ वन विभाग की एक टीम ने मरवाही वन क्षेत्र में एक मरे हुए भालू के नाखून चुराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

विभाग की टीम ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन रेंज में मरे हुए भालू से चुराए गए चार नाखून बरामद किए. विभाग ने पूरे राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार को रोकने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं.

हाल ही में 3 सितंबर को एक घटना सामने आई, जब वन विभाग को मरवाही वन क्षेत्र में एक भालू की मौत की सूचना मिली और टीम तुरंत मौके पर पहुंची. जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि भालू के दाहिने पिछले पंजे से चार नाखून गायब थे. मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने डॉग स्क्वाड की मदद से गहन तलाशी और जांच शुरू की.

इस ऑपरेशन के बाद दो आरोपियों—54 वर्षीय सुदर्शन यादव और 20 वर्षीय सूरज सहिस—को गिरफ्तार किया गया. दोनों बरौर गांव के रहने वाले हैं. उनके पास से मरे हुए भालू के चार नाखून बरामद कर जब्त कर लिए गए. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उन्हें अदालत में पेश किया जा रहा है.

खोज और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, पशु चिकित्सकों की एक टीम की उपस्थिति में मृत भालू का पोस्टमार्टम किया गया. पशु चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर मृत्यु का कारण फेफड़ों में गंभीर संक्रमण बताया.

पोस्टमार्टम के बाद, विधिवत रूप से शव का अंतिम संस्कार किया गया.

मारवाही के संभागीय वन अधिकारी, कुमार निशांत, अन्य वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पूरी प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहे.

वन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी मृत वन्यजीव के शव या शरीर के अंगों के साथ छेड़छाड़ न करें और ऐसे अवशेष मिलने पर तुरंत निकटतम वन विभाग कार्यालय को सूचित करें.

नागरिकों से वन अपराध, अवैध शिकार या वन्यजीवों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने का भी आग्रह किया गया है. वन्यजीव संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए, विभाग ने कहा कि स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी राज्य में संरक्षण प्रयासों को और मजबूत करेगी.

एमएस/