
चेन्नई, 2 नवंबर . चेन्नई में Monday सुबह भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. सड़कों पर पानी भर गया और नगर प्रशासन की टीमें अलर्ट पर रहीं, क्योंकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा था.
उत्तरी इलाकों में सबसे भारी बारिश दर्ज की गई, जहां Monday सुबह 6 बजे तक के 24 घंटों में पैरीज में 149.2 मिमी बारिश हुई. ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के अनुसार, न्यू मनाली टाउन में 141.6 मिमी और मनाली में 136.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.
कॉर्पोरेशन की बारिश रिपोर्ट के मुताबिक, पांच निगरानी केंद्रों पर बहुत भारी बारिश हुई, जबकि 28 अन्य जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई.
इनमें माधववरम, पुझल, मनाली, एन्नोर, बेसिन ब्रिज और टोंडियारपेट के कुछ हिस्से शामिल हैं, जो उत्तरी चेन्नई में जारी बारिश के व्यापक असर को दर्शाते हैं. कोरात्तुर, अयापक्कम, वलसरवक्कम, अलंदुर, पल्लीकरनई और शोलिंगनल्लुर सहित 25 जगहों पर मध्यम बारिश दर्ज की गई.
आंकड़ों से पता चलता है कि दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में भी बारिश हुई. हालांकि, सबसे ज्यादा बारिश शहर के उत्तरी हिस्सों में हुई. ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के कमिश्नर जी.एस. समीरन ने ट्रिपलिकेन के बेसेंट रोड पर जलभराव का निरीक्षण किया और नगर निकाय द्वारा की गई कार्रवाई का जायजा लिया.
उन्होंने राहत कार्यों और निगरानी गतिविधियों का जायजा लेने के लिए रिपन बिल्डिंग स्थित ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ का दौरा भी किया.
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और फील्ड टीमें जलभराव वाली सड़कों से पानी निकालने और प्रभावित इलाकों में जरूरी सेवाएं बनाए रखने के लिए अलर्ट पर हैं. कंट्रोल सेंटर लगातार हालात पर नजर रखे हुए थे, जबकि नगर निगम के कर्मचारी पूरे शहर में बारिश से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने में जुटे रहे.
इस बीच, Monday सुबह चक्रवाती सिस्टम के और तेज होने के कारण चेन्नई के समुद्र तटों पर ऊंची और तेज लहरें उठने लगीं, जिससे तटीय इलाकों में मौसम और भी खराब हो गया.
भारतीय मौसम विभाग द्वारा सुबह 5 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, ‘मुरासु’ एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है. रात 2.30 बजे, इसका केंद्र चेन्नई से लगभग 260 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व में और नेल्लोर से लगभग 290 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था.
मौसम विभाग के अनुसार, इस तूफान के 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसपुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना है.
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ओपी/डीकेपी
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