चेक बाउंस केस : Supreme Court ने राजपाल यादव का पासपोर्ट रिलीज करने का दिया आदेश

New Delhi, 15 अक्टूबर . चेक बाउंस के सात मामलों में सजा का सामना कर रहे Actor राजपाल यादव को Supreme Court से राहत मिली है. Thursday को उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान Actor के वकील ने अदालत को बताया कि 13 अक्टूबर को बाकी 85 लाख रुपए भी Supreme Court की रजिस्ट्री में जमा करा दिए गए हैं. मामले को सुलझाने के लिए Supreme Court ने दोनों पक्षों को मीडिएशन सेंटर भेजने का निर्देश दिया.

सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि Actor को एक प्रोग्राम के लिए कनाडा जाना है. वहां होने वाले कार्यक्रम से उन्हें कुछ पैसे मिलने की उम्मीद है, जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिल सकती है. इस पर Supreme Court ने निचली अदालत को उनका पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दिया.

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा कि आखिर दोनों पक्ष आपस में बैठकर इस मामले पर समझौता क्यों नहीं कर लेते. अदालत ने विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए मीडिएशन सेंटर भेजने का निर्देश दिया. अब दोनों पक्ष मध्यस्थता के जरिए मामले का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे.

दरअसल, पिछली सुनवाई के दौरान Supreme Court ने राजपाल यादव को 2 करोड़ रुपए जमा करने का निर्देश दिया था. अदालत में उनकी ओर से बताया गया था कि 1 करोड़ 15 लाख रुपए का इंतजाम हो चुका है, जबकि बाकी 85 लाख रुपए एक खरीदार की मदद से जुटाए जाने थे. यह रकम Actor की पुश्तैनी जमीन की बिक्री से मिलने की बात कही गई थी. जमीन की रजिस्ट्री में देरी के कारण पूरी रकम जमा करने में परेशानी आ रही थी. इसके बाद अदालत ने बाकी रकम जमा करने के लिए 13 अक्टूबर तक का समय दिया था. अब वकील ने अदालत को बताया कि तय समय के भीतर बाकी रकम भी जमा करा दी गई है.

यह पूरा मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों का है. साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था. फिल्म साल 2012 में रिलीज हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी. इसके बाद कर्ज की रकम लौटाने को लेकर विवाद शुरू हो गया.

शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप था कि रकम लौटाने के लिए दिए गए चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए. इसके बाद कंपनी ने राजपाल यादव के खिलाफ सात अलग-अलग मामले दर्ज कराए थे.

–

पीके/पीएम